US-Iran War: ट्रंप ने बढ़ते हुए युद्ध के बीच अपने ही मंत्री को ठहराया जिम्मेदार, कहा- 'सैन्य कार्रवाई के पक्ष में सबसे पहले...'

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में लगातार युद्ध बढ़ रहा है। इसी बीच ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है। जसिके बाद से ही युद्ध को लेकर कई अन्य सवाल खड़े हो गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति ने टेनेसी में हुई बैठक के समय कहा है कि उनके रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सबसे पहले सैन्य कार्रवाई के पक्ष में समर्थन रखा था। ट्रंप के अनुसार, हेगसेथ का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए कदम उठाना बहुत ही आवश्यक है।
ट्रंप प्रशासन के अंदर अलग बवाल
रोलिंग स्टोन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के अंदर ईरान युद्ध से संबंधित मुद्दों पर अलग ही बातें देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इजरायल पहले से ही हमला करने की तैयारी में था, इसलिए ही अमेरिका को शामिल होना पड़ा है। वहीं, कई लोगों का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब ही था। ट्रंप ने अपने अंदाज में बताया है कि उन्होंने कई अधिकारियों से बात भी की थी और उसके बाद ही फैसला लिया था कि समस्या को अनदेखा किया जाए या कार्रवाई करके खत्म कर दिया जाए। लेकिन उसके बाद हालात समझ में नहीं आए थे। ट्रंप का ये भी कहना है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई अचानक से हुई थी और किसी ने इसकी उम्मीद भी नहीं की थी।
क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को लेकर हेगसेथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि पीट, मुझे लगता है कि आप सैन्य कार्रवाई के लिए सबसे आगे थे। आपने ही कहा था कि चलो अब करते हैं। वहीं, इस पूरे मामले के बाद रक्षा मंत्री हेगसेथ को लेकर चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं। उन्होंने पेंटागन प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया है कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसेना की ताकत को कमजोर करना है। उन्होंने ये भी कहा है कि अभी ये बताना बहुत ही मुश्किल होगा कि ये ऑपरेशन कब खत्म होगा, लेकिन काम योजना के मुताबिक ही हो रहा है। ट्रंप ने ये भी कहा है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस युद्ध को लेकर उतने उत्साहित नहीं थे, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक तौर से कोई विरोध भी नहीं किया है।
नेतन्याहू थे युद्ध के पक्ष में
रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और मीडिया निवेशक रूपर्ट मर्डोक जैसे कुछ लोग सैन्य कार्रवाई के पक्ष में ही थे। वहीं, प्रशासन के कुछ अन्य लोग हैं, जो सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
Created On :   24 March 2026 1:36 PM IST












