होर्मुज स्ट्रेट तनाव को लेकर EU ने ईरान समेत कई देशों से की कूटनीतिक बातचीत

डिडिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान-US -इजराइल जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बना हुआ है। दुनिया के कई देशों के लिए जाने वाले ईंधन मार्ग में ईरान ने प्रतिंबध लगा रहे है। जिससे पूरी दुनिया में तेल का संकट पैदा होने का खतरा मड़रा रहा है। प्रतिबंधों के बीच अब ईरान ने कुछ व्यापारिक जहाजों पर टैक्स भी लगा दिया है। इस बीच यूरोपीय संघ ने होर्मुज स्ट्रेट में बने तनाव को लेकर ईरान समेत कई देशों से की कूटनीतिक बातचीत की। EU ने ईरान समेत कई देशों से होर्मुज स्ट्रेट पर कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं।
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इंटरनेशनल कानून के अनुसार, समुद्र में जहाजों की आवाजाही की आजादी एक बुनियादी अधिकार है। ईरान के कदमों का बुरा असर वैश्विक स्तर पर पड़ रहा है। व्यापारिक जहाजों के मार्ग में दखल देना और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को तोड़ना अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
इसी संबंध में ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने ईरान, तुर्की, कतर और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों से फोन पर बातचीत की चर्चा की। EU अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा नागरिक ढांचे पर हमलों की नई धमकियां पश्चिम एशिया और उससे बाहर लाखों लोगों के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती हैं।
संयुक्त बयान जारी करने वाले 22 देशों में जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन, लिथुआनिया ,संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया ,ब्रिटेन और फ्रांस शामिल हैं। इन दोनों ने कहा होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित निकालने के हर संभव प्रयास करेंगे। इन सभी ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के आपातकालीन पेट्रोलियम भंडार जारी करने के फैसले का जोरदार स्वागत भी किया है। ये देश संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की मदद से उन देशों को सहारा देने की बात कह रहे है जो इस युद्ध संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। एनर्जी मार्केट को स्थिर करने के मकसद से विकसित देश तेल उत्पादक देशों के साथ मिलकर तेल उत्पादन बढ़ाने पर भी काम करेंगे।
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आपको बता दें वेस्टर्न एशिया में जारी जंग के चलते होर्मुज स्ट्रेट में बने तनाव को लेकर 22 देश एक साथ ईरान के खिलाफ हो गए है। सभी देशों ने मिलकर में होर्मुज के नजदीक ईरान की हालिया गतिविधियों पर कड़ा ऐतराज जताया। इस संबंध ने इन सभी देशों ने बीते दिन एक संयुक्त बयान भी जारी किया। इसमें खाड़ी में मर्चेंट शिप पर ईरानी हमलों की ये देश निंदा कर रहे हैं। इन देशों ने बढ़ते संघर्ष पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है।
Created On :   23 March 2026 10:36 AM IST













