Israel-US-Iran War: खाड़ी देशों में कोहराम! कुवैत में ईरान का फिर से बड़ा हमला, मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी को बनाया निशाना

खाड़ी देशों में कोहराम! कुवैत में ईरान का फिर से बड़ा हमला, मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी को बनाया निशाना
इजराइल-अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जारी है। दोनों ओर से ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। इस बीच ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजराइल-अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जारी है। दोनों ओर से ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। इस बीच ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं। ईरान ने कुवैत में एक बार फिर से बड़ा हमला कर दिया है। ईरान ने कतर की बड़ी तेल रिफाइनरी मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी को निशाना बनाया है।

ईरान ने कुवैत की दो तेल रिफाइनरी पर किया हमला

इससे पहले ईरान ने कुवैत में मिना अल-अहमदी रिफाइनरी पर हमला किया था। इस हमले के बाद कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने बयान जारी किया था। जिसमें बताया गया था कि मिना अल-अहमदी रिफाइनरी की एक ऑपरेशनल यूनिट पर ड्रोन से हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई। कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) के अनुसार, इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। कंपनी ने कहा कि आग को तुरंत और सुरक्षित तरीके से काबू में कर लिया गया। यह रिफाइनरी कुवैत सिटी से करीब 50 किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित है और देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी में से एक है जहां कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा प्रोसेस किया जाता है।

कतर का बड़ा फैसला

मिडिल ईस्ट के देशों ने अब ईरान के हमलों पर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में कतर ने बड़ा फैसला लिया है। कतर ने ईरान के कुछ सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है और इसके लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दिया है।

ईरान के दूतावास को मिला नोट

कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि उसने ईरान के दूतावास को एक नोट भेजा है। इसमें कहा गया है कि मिलिट्री और सिक्योरिटी से जुड़े अधिकारी और उनका पूरा स्टाफ अब कतर में नहीं रह सकता। इन्हें तुरंत देश छोड़ना होगा। डिप्लोमेसी में इसे “पर्सोना नॉन ग्राटा” कहा जाता है। इसका मतलब होता है कि किसी विदेशी अधिकारी को उस देश में रहने की इजाजत नहीं है और उसे वापस जाना होगा।

Created On :   19 March 2026 4:15 PM IST

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