Iran-Israel War: कुवैत में तेल रिफाइनरी की ऑपरेशनल यूनिट पर हवाई हमला, मिडिल ईस्ट में कम होने का नाम नहीं ले रहा तनाव

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस क्रम में कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने बताया कि मिना अल-अहमदी रिफाइनरी की एक ऑपरेशनल यूनिट पर ड्रोन से हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई। कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) के अनुसार, इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। कंपनी ने कहा कि आग को तुरंत और सुरक्षित तरीके से काबू में कर लिया गया। यह रिफाइनरी कुवैत सिटी से करीब 50 किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित है और देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी में से एक है जहां कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा प्रोसेस किया जाता है।
यह भी पढ़े -हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों पर फंसाया पेंच, एक घंटा बितने के बाद भी रूकी है वोटिंग, कांग्रेस चीफ ने चुनाव आयोग को लिखा लेटर
कतर का बड़ा फैसला
मिडिल ईस्ट के देशों ने अब ईरान के हमलों पर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में कतर ने बड़ा फैसला लिया है। कतर ने ईरान के कुछ सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है और इसके लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दिया है।
यह भी पढ़े -पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम से चुनाव ना लड़ने पर बीजेपी के निशाने पर CM ममता, कहा अबकी बार भवानीपुर में भी हारेंगी TMC चीफ
ईरान के दूतावास को मिला नोट
कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि उसने ईरान के दूतावास को एक नोट भेजा है। इसमें कहा गया है कि मिलिट्री और सिक्योरिटी से जुड़े अधिकारी और उनका पूरा स्टाफ अब कतर में नहीं रह सकता। इन्हें तुरंत देश छोड़ना होगा। डिप्लोमेसी में इसे “पर्सोना नॉन ग्राटा” कहा जाता है। इसका मतलब होता है कि किसी विदेशी अधिकारी को उस देश में रहने की इजाजत नहीं है और उसे वापस जाना होगा।
Created On :   19 March 2026 3:39 PM IST













