Iran-Israel War: गैस ठिकानों पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, क्या सऊदी अरब की मदद के लिए युद्धभूमि में उतरेगा PAK?

गैस ठिकानों पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, क्या सऊदी अरब की मदद के लिए युद्धभूमि में उतरेगा PAK?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है। इस बीच सऊदी के शामिल होने की आशंका है। कहा जा रहा है कि अगर पाकिस्तान की एंट्री होती है तो संघर्ष और बड़ा होकर वैश्विक असर डाल सकता है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब बहुत खतरनाक मोड ले चुका है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई बड़े देश सीधे आमने-सामने आ सकते हैं। ईरान ने सऊदी अरब, कतर और यूएई को उनके तेल और गैस वाले इलाकों को खाली करने की चेतावनी दी है, जिससे डर और बढ़ गया है।

यह सब तब शुरू हुआ जब इजरायल ने ईरान के साउथ पर्स गैस फील्ड पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने कतर के गैस ठिकानों को निशाना बनाया। सऊदी अरब ने दावा किया कि उसने कई मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही रोक दिया। वहीं, यूएई में भी खतरा बढ़ गया और एक गैस साइट को खाली करना पड़ा। अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर सऊदी अरब पर सीधा हमला होता है, तो वह भी खुलकर इस जंग में उतर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

क्या पाक से मदद मांगेगा सऊदी?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान से सैन्य मदद मांग सकता है। दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा संबंध हैं। हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसीम मुनीर के सऊदी दौरे भी इसी तरफ इशारा करते हैं कि अंदर ही अंदर तैयारी चल रही है।

PAK के लिए भी आसान नहीं राह

पाकिस्तान के लिए यह स्थिति मुश्किल है। वह सऊदी अरब का करीबी है, लेकिन उसकी गैस जरूरतें ईरान से भी जुड़ी हैं। अगर वह इस जंग में शामिल होता है, तो यह लड़ाई सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि और बड़े स्तर पर फैल सकती है। कुल मिलाकर, हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और अगर बड़े देश सीधे शामिल हुए, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।

Created On :   19 March 2026 11:34 AM IST

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