एपस्टीन फाइल्स मामला: अमेरिकी संसद में हुआ भारी हंगामा, डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने संसद से किया वॉकआउट

अमेरिकी संसद में हुआ भारी हंगामा, डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने संसद से किया वॉकआउट
न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एपस्टीन फाइल्स विवाद में बंद कमरे में ब्रीफिंग देने का डेमोक्रेटिक सांसदों ने किया विरोध,रिपब्लिकन सांसदों ने विरोध को किया खारिज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एपस्टीन फाइल्स विवाद को लेकर अमेरिकी संसद में जमकर हंगामा हुआ, न्यायिक अधिकारियों द्वारा एपस्टीन केस की बंद कमरे में ब्रीफिंग देने के खिलाफ डेमोक्रेटिक सांसदों ने विरोध कर संसद से वॉकआउट किया। डेमोक्रेट्स ने कहा कि महान्यायवादी पाम बॉन्डी को सवालों के जवाब देने होंगे क्योंकि उन्होंने इसकी शपथ ली है। अमेरिकी संसद में ये पूरा नजारा बीते दिन बुधवार को बना रहा।

आपको बता दें एपस्टीन के यौन तस्करी मामले से जुड़ी लाखों फाइलों के प्रबंधन को लेकर बढ़ती नाराजगी को शांत करने की कोशिश में अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी और डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश बुधवार को कैपिटल हिल ब्रीफिंग करने पहुंचे थे, इसके शुरु होने के कुछ समय बाद ही डेमोक्रेट्स ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इस व्यवस्था का विरोध किया और मीटिंग का बहिष्कार किया। डेमोक्रेट नेता अटॉर्नी जनरल बॉन्डी से शपथ के तहत जवाब चाहते है। इन नेताओं ने उन पर भरोसा ना होने की बात कही।

पाम बॉन्डी का विरोध डेमोक्रेट्स के साथ साथ ट्रंप की पार्टी के कुछ नेता भी कर रहे है। इस मामले में सिर्फ विपक्ष से ही आलोचना नहीं कर रहा। ओवरसाइट समिति ने दो दिन पहले बॉन्डी को 14 अप्रैल को शपथ के तहत बयान देने के लिए समन जारी किया है। न्याय विभाग ने समन को गैर जरूरी बताया है। जबकि सांसदों का कहना है कि न्याय विभाग ने कई महत्वपूर्ण फाइलें छिपाई है और दस्तावेजों में कटौती की वजह से कई पीड़ितों की निजी जानकारी उजागर हुई है।

रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट के विरोध को राजनीतिक दिखावा करार देते हुए खारिज किया है। बॉन्डी और ब्लांश ने महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दिए और अटॉर्नी जनरल ने न्याया का पालन करने की बात कही है। एपस्टीन केस से जुड़े दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद ये मुद्दा अभी सवालों और आलोचनाओं में घेरे में है। जबकि न्याया विभाग को उम्मीद थी कि एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से यह राजनीतिक विवाद खत्म हो जाएगा, लेकिन मामला तूल पकड़ा हुआ है जो ट्रंप के दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल पर भी असर डाल रहा है।

Created On :   19 March 2026 9:23 AM IST

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