Pakistan Oil Reserve Crisis: ईरान जंग के चलते पाकिस्तान में गहराया तेल का संकट, रूस के सामने फैलाए हाथ!

ईरान जंग के चलते पाकिस्तान में गहराया तेल का संकट, रूस के सामने फैलाए हाथ!
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग का दक्षिण एशियाई देशों पर बुरा असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित पाकिस्तान है जहां सप्लाई प्रभावित होने के चलते तेल संकट गहरा गया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग का दक्षिण एशियाई देशों पर बुरा असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित पाकिस्तान है जहां सप्लाई प्रभावित होने के चलते तेल संकट गहरा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान का करीब 70 फीसदी तेल (क्रूड ऑयल) मिडिल ईस्ट से आता है, लेकिन मिडिल-ईस्ट में तनाव के चलते शिपिंग रूट और सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है।

दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट, जो कि दुनिया में तेल की सप्लाई का सबसे अहम रूट है, यहां से लगभग 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई होती है। युद्ध के कारण वहां से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। अब तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई है।

पाकिस्तान की हालत सबसे खराब

होमुर्ज स्ट्रेट बंद होने की वजह से पाकिस्तान में क्रूड ऑयल की सप्लाई बंद हो गई है। पाकिस्तान सरकार की ओर से बताया गया कि देश के पास फिलहाल सिर्फ 11 दिन का कच्चा तेल बचा है। पाकिस्तान में फिलहाल पेट्रोल 321 पाकिस्तानी रुपए और डीजल 335 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए रोज करीब 5 से 6 लाख बैरल कच्चे तेल की आवाश्यकता होती है।

रूस के सामने फैलाए हाथ

मीडिया रिपोर्ट्स, कच्चे तेल की कमी को पूरा करने के लिए पाकिस्तान सरकार रूस से तेल खरीदने के बारे में विचार कर रही है। हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक टिप्प्णी नहीं की गई है। वहीं, पाकिस्तान में रूसी राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने इस मामले पर कहा है कि रूस पाकिस्तान को सस्ता तेल देने के लिए तैयार है। लेकिन अभी तक पाकिस्तान की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक मांग नहीं की गई है।

रूसी राजदूत का कहना है कि यदि पाकिस्तान मांग करता है तो रूस उसे तेल की सप्लाई जरूर करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी कच्चे तेल की कीमत करीब 70 से 76 डॉलर प्रति बैरल है, जबकि इंटरनेशनल मार्केट में यही कीमत 95 से 105 डॉलर प्रति बैरल के बीच है।

अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने की दी छूट

ईरान जंग की वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इस वजह से अमेरिका ने दुनिया भर के देशों को 1 महीने के लिए रूस से तेल खरीदने की छूट दे दी है। व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि देश सीमित मात्रा में रूस से तेल खरीद सकेंगे। इससे बाजार में ऑयल सप्लाई बढ़ेगी और कीमतें कंट्रोल में रहेंगी।

Created On :   18 March 2026 5:09 PM IST

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