Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट हाहाकार के बीच कतर का बड़ा कदम, ईरान के अधिकारियों को देश छोड़ने का फरमान, क्यों लेना पड़ा फैसला?

मिडिल ईस्ट हाहाकार के बीच कतर का बड़ा कदम, ईरान के अधिकारियों को देश छोड़ने का फरमान, क्यों लेना पड़ा फैसला?
कतर ने ईरानी अधिकारियों को देश छोड़ कर जाने के लिए 24 घंटे का वक्त दिया है। मिडिल ईस्ट में ईरान के हमलों और धमकियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट के देशों ने अब ईरान के हमलों पर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में कतर ने बड़ा फैसला लिया है। कतर ने ईरान के कुछ सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है और इसके लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दिया है।

ईरान के दूतावास को मिला नोट

कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि उसने ईरान के दूतावास को एक नोट भेजा है। इसमें कहा गया है कि मिलिट्री और सिक्योरिटी से जुड़े अधिकारी और उनका पूरा स्टाफ अब कतर में नहीं रह सकता। इन्हें तुरंत देश छोड़ना होगा। डिप्लोमेसी में इसे “पर्सोना नॉन ग्राटा” कहा जाता है। इसका मतलब होता है कि किसी विदेशी अधिकारी को उस देश में रहने की इजाजत नहीं है और उसे वापस जाना होगा।

कतर को क्यों उठाना पड़ा इतना बड़ा कदम?

कतर ने कहा कि यह फैसला ईरान के बार-बार हमलों और धमकियों की वजह से लिया गया है। कतर के अनुसार, ये हमले उसकी सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ हैं और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हैं। कतर ने ईरान को चेतावनी भी दी है कि अगर ऐसा ही चलता रहा, तो आगे और कड़े कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उसने कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखता है। आपको बता दें कि, खबर यह भी है कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मुस्लिम देशों की एक बड़ी बैठक होने वाली है, जिसमें क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चर्चा की जाएगी।

Created On :   19 March 2026 10:16 AM IST

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