Middle East War: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने रखी 15 शर्तें, डील के लिए हो जाओ राजी या हमलों के लिए रहो तैयार

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने रखी 15 शर्तें, डील के लिए हो जाओ राजी या हमलों के लिए रहो तैयार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग लगतार जारी है। आज युद्ध का 27वां दिन है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि समय तेजी से बीत रहा है समझौते के लिए तैयार हो जाओं। उसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी नेता बातचीत के लिए हमसे विनती कर रहे हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह डील के राजी हो जाए या फिर हमले के लिए तैयार रहे। वह अपने इस बयान से एक बार फिर पलट गए हैं। उन्होंने ईरान के साथ शांति समझौते पर संदेह जताया है। राष्ट्रपति ने कहा मैं नहीं वो डील की भीख मांग रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी

ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह पूरे मिडिल ईस्ट पर कब्जा करना चाहता है। उन्होंने तेहरान से दो टूक कहा कि डील के लिए तैयार हो जाओ या फिर हमले के लिए। ट्रंप ने कहा, 'हमने उनके लगभग 90 फीसदी लॉन्चर और शायद उससे ज्यादा मिसाइलें नष्ट कर दी हैं। वे डील करने की भीख मांग रहे हैं...मैं नहीं। वे बेवकूफ नहीं, बल्कि बहुत स्मार्ट हैं। मुझे पक्का नहीं पता कि हम ईरान के साथ कोई डील कर पाएंगे या नहीं। हम उनके ड्रोन और मिसाइल बनाने वाले कारखानों को नष्ट कर रहे हैं, और ऐसा करते रहेंगे।'

ईरान ने ट्रंप के सामने 5 शर्तें रखी हैं। उन्होंने पश्चिमी एशिया में झिड़ी जंग यूएसए की शर्तों पर नहीं बल्कि हमारी मांगो पर समाप्त होगी।

. हमले और हत्या की घटनाएं बंद हों।

. सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो।

. दोबारा युद्ध ना हो, ठोस तंत्र बने।

. युद्ध नुकसान की भरपाई, मुआवजा तय हो।

. होर्मुज जलडमरूमध्य पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिले।

ट्रंप की 15 शर्ते

. 30 दिनों का युद्धविराम

. नतान्ज, इस्फहान और फोर्डो में ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट करना

. भविष्य में कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।

. ईरान की ओर से परमाणु हथियार विकसित न करने की स्थायी प्रतिबद्धता

. संवर्धित यूरेनियम के भंडार को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना

. ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे की IAEA ("अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी") द्वारा पूर्ण निगरानी और देश के भीतर यूरेनियम संवर्धन पर रोक

. क्षेत्रीय प्रॉक्सी के लिए ईरान का समर्थन समाप्त करना

. क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर ईरान के हमलों को रोकना

. होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना

. ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंधों को हटाना और संयुक्त राष्ट्र के 'स्नैपबैक' तंत्र को समाप्त करना

. ईरान के बुशेहर परमाणु ऊर्जा केंद्र में बिजली उत्पादन के लिए अमेरिका का समर्थन

. ईरान को घरेलू स्तर पर परमाणु ईंधन प्रसंस्करण (Nuclear Fuel Processing) रोकने के लिए कहा गया है।

. ईरान की मिसाइलों की संख्या और उनकी रेंज सीमित करने की मांग की है।

बिजली उत्पादन के लिए सहयोग देने की भी पेशकश की है।

. संयुक्त राष्ट्र के ‘स्नैपबैक मैकेनिज्म’ को समाप्त करने का वादा किया गया

युद्ध में शामिल होने की बात पर नाटो देशों ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा मैं NATO देशों से खुश नहीं हूं। उन्होंने कहा, अमेरिका उनकी मदद करने के लिए हमेशा आगे आता है, लेकिन हमारी मदद करने के लिए वे नहीं आते। नाटो का एक बयान आया है, वे कह रहे हैं कि जब युद्ध खत्म हो जाएगा तब वे हमारी मदद के लिए आएंगे। यह NATO के लिए एक परीक्षा थी। यह इस बात की परीक्षा थी कि क्या आप हमारी मदद करेंगे या नहीं। आपको ऐसा करना जरूरी नहीं था, लेकिन अगर आपने ऐसा नहीं किया तो हम इस बात को हमेशा याद रखेंगे।'

Created On :   26 March 2026 10:07 PM IST

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