नेपाल में बालेंद्र शाह सरकार बनते ही पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार

नेपाल में बालेंद्र शाह सरकार बनते ही पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार
नई सरकार ने गिरफ्तारी को कानूनी प्रक्रिया बताया,जबकि पूर्व पीएम ओली ने गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल में सत्ता बदलते ही पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और उनके साथ रहे पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार किया गया है, काठमांडू वैली पुलिस के मुताबिक, दोनों पूर्व नेताओं की गिरफ्तारी सुबह हुई है और अब आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नेपाल पुलिस के तत्कालीन महानिरीक्षक चंद्र कुबेर खापुंग का नाम भी आयोग की रिपोर्ट में शामिल है। ऐसे में आगामी दिनों में अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। अब यह केस नेपाल की राजनीति और न्याय व्यवस्था के लिए बड़ी परीक्षा बन गया है।

नई सरकार ने गिरफ्तारी के संबंध में कहा है कि यह कार्रवाई किसी बदले की भावना से नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। जबकि पूर्व पीएम ओली ने गिरफ्तार की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।

ओली की गिरफ्तारी पिछले साल हुए नेपाल में हुए जेन-जी विरोध प्रदर्शनों में कथित भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आपको बता दें नेपाल में बालेंद्र शाह ने नए प्रधानमंत्री के तौर पर पद की शपथ ली है। सत्ता बदलाव के साथ हुई गिरफ्तारी से नेपाल की राजनीति में भूचाल आ गया है।

आपको बता दें जेन जी प्रदर्शनों की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि उस समय शीर्ष पदों पर बैठे लोगों ने हालात को संभालने में लापरवाही बताया। आयोग ने ओली और रमेश लेखक समेत कई अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की। आयोग की रिपोर्ट में रिपोर्ट में अधिकतम 10 साल की सजा की सिफारिश की गई थी, जिसके बाद नई सरकार ने इसे लागू करने का फैसला लिया। इसे लेकर मौजूदा होममिनिस्टर ने कहा कानून से ऊपर कोई नहीं है। न्याय की दिशा में पहला कदम है और देश को नई दिशा देने की कोशिश है। दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम करेगा।

पिछले साल सितंबर के महीने में नेपाल में बड़े स्तर पर करप्शन विरोधी प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें जेन-जी विरोध प्रदर्शन कहा गया। इस प्रदर्शन एकदम अचानक सरकार के खिलाफ सड़कों पर आ गए, अचानक हुए प्रदर्शनों ने हिंसा का रूप ले लिया। जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी,कई नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रदर्शन की इस हिंसात्मक घटनाओं ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए और हिंसा के बाद ओली सरकार गिर गई। ओली को पीएम पद से बेदखल होना पड़ा, इन हिंसात्मक घटनाओं ने नेपाल की पॉलिटिक्स को पूरी तरह बदल दिया।

Created On :   28 March 2026 9:13 AM IST

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