comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कोरोनावायरस का असर: Air India ने चीन के हॉन्ग कॉन्ग के लिए बंद की फ्लाइट सेवा, 7 फरवरी से लगाई रोक

कोरोनावायरस का असर: Air India ने चीन के हॉन्ग कॉन्ग के लिए बंद की फ्लाइट सेवा, 7 फरवरी से लगाई रोक

हाईलाइट

  • Air India ने चीन के हॉन्ग कॉन्ग के लिए बंद की फ्लाइट सेवा
  • 7 फरवरी तक नहीं कर सकेंगे यात्रा
  • एयरलाइन ने फ्लाइट नंबर AI314 के उड़ान को रोका

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। CoronaVirus के असर को देखते हुए एयर इंडिया ने 7 फरवरी शुक्रवार से हांगकांग के लिए अपनी फ्लाइट पर रोक लगा दी है। एयरलाइन ने फ्लाइट नंबर AI314 के उड़ान को रोक दिया है। विश्वभर में अब तक कोरोनोवायरस संक्रमण के 20,438 से अधिक मामले सामने आए हैं। चीन में 350 से अधिक मौतों की पुष्टि की गई है। इस खतरे को देखते हुए भारत और कई अन्य देशों ने चीन में सबसे अधिक प्रभावित वुहान क्षेत्र से नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

केरल सरकार ने कोरोनोवायरस को 'राज्य आपदा' घोषित किया है। राज्य के पर्यटन मंत्री का कहना है कि इस महामारी के प्रकोप ने पर्यटन क्षेत्र को प्रभावित करना शुरू कर दिया है, क्योंकि होटल बुकिंग को लोग बड़े पैमाने पर रद्द कर रहे हैं। 

उधर, चीन में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 425 हो गई है। प्रशासन ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की। हांगकांग में भी कोरोनावायरस से एक मौत का मामला सामने आया है। चीन और फिलीपींस के बाद इस घातक वायरस के चलते होने वाली मौतों में हांगकांग तीसरा देश बन गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इसने 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों और झिंजियांग प्रोडक्शन और कंस्ट्रक्शन कॉर्प्स से सोमवार को 3,235 नए मामलों की पुष्टि और 64 मौतों की रिपोर्ट प्राप्त की। ये सभी मौतें हुबेई प्रांत में हुईं हैं, जिसकी राजधानी वुहान कोरोनावायरस के प्रकोप का केंद्र है। सोमवार को ही 492 मरीज गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। जबकि 2,788 मरीज गंभीर स्थिति में रहे और कुल 23,214 लोगों पर वायरस से संक्रमित होने का संदेह बना रहा।

ठीक होने के बाद से कुल 632 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। आयोग ने कहा कि 221,015 करीबी संबंध के मामले सामने आए थे, इनमें से 12,755 को सोमवार को छुट्टी दे दी गई। जबकि 171,329 को मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।

कमेंट करें
wHQGP
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।