दैनिक भास्कर हिंदी: जर्नलिस्ट खशोगी मिसिंग केस : ट्रंप ने यूएस सेक्रेटरी पोम्पियो को भेजा सऊदी अरब

October 15th, 2018

हाईलाइट

  • अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने यूएस सेक्रेटरी माइक पोम्पियो को सऊदी अरब भेजा है।
  • पोम्पियो सऊदी में किंग सलमान से मुलाकात करेंगे।
  • पोम्पियो को पत्रकार जमाल खशोगी के अचानक गुम होने के मामले को लेकर सऊदी अरब भेजा है।

डिजिटल डेस्क वॉशिंगटन। अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने यूएस सेक्रेटरी माइक पोम्पियो को पत्रकार जमाल खशोगी के अचानक गुम होने के मामले को लेकर सऊदी अरब भेजा है। पोम्पियो सऊदी में किंग सलमान से मुलाकात करेंगे। बता दें कि इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कड़े शब्दों में सऊदी अरब के किंग को चेतावनी दी थी कि अगर खशोगी के गुम होने के पीछे सऊदी का हाथ हुआ तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

ट्विटर पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सऊदी के किंग से फोन पर बात की है। सऊदी किंग ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें ये नहीं पता है कि खशोगी के साथ आखिर क्या हुआ? सलमान ने ट्रंप से कहा कि वह तुर्की के साथ मिलकर इसका जवाब खोजने के लिए काम कर रहे हैं। वहीं ट्रंप ने कहा कि वह यूएस सेक्रेटरी माइक पोम्पियो को तत्काल सऊदी अरब किंग से मिलने के लिए भेज रहे हैं।  इससे पहले ट्रंप ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि वाशिंगटन पोस्ट के कॉन्ट्रीब्यूटर खशोगी के गायब होने के पीछे सऊदी अरब का हाथ हो सकता हैं। खशोगी तब से मिसिंग है, जब से वह 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित वाणिज्य दूतावास में गए थे।

तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि सऊदी अरब ने खशोगी की हत्या करा दी है। हालांकि सऊदी अरब, खशोगी की हत्या के आरोपों को खारिज कर चुका है। ट्रंप ने कहा था, हम इसकी तह तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। दोषी को कड़ी सजा मिलेगी। जब ट्रंप से सवाल किया गया था कि क्या सऊदी के इनकार के बाद भी आप मानते हैं कि वह खशोगी के मर्डर के पीछे है? ट्रंप ने कहा, फिलहाल सऊदी ने इससे इनकार कर दिया है, लेकिन इन्वेस्टिगेशन की जा रही है। सऊदी के इसके पीछे होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

गौरतलब है कि खशोगी अमेरिकी निवासी हैं। उन्होंने सऊदी अरब के किंग सलमान के शासन और उनके बेटे मोहम्मद बिन सलमान के खिलाफ भी कई लेख लिखे थे। आखिरी बार वह 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास के अंदर जाते हुए देखे गए थे। खशोगी के दोस्तों का कहना है कि कई सऊदी अधिकारियों ने खशोगी से संपर्क कर सुरक्षा प्रदान करने और ऊंचे पद पर सरकारी नौकरी देने को भी कहा था। लेकिन उन्होंने शर्त रखी थी कि खशोगी को सऊदी वापस आना होगा। लेकिन उन्हें इन सभी प्रस्तावों पर शक था।