दैनिक भास्कर हिंदी: ट्रंप ने कहा- भारत और चीन को सब्सिडी देना पागलपन, इसे बंद करने की जरूरत

September 8th, 2018

हाईलाइट

  • डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि इन दो देशों को सब्सिडी देना पागलपन है।
  • ट्रंप ने का कि अमेरिका भी विकासशील देश हैं, इस नाते चीन और भारत को दिया जाने वाला सब्सिडी रोकना होगा।
  • ट्रंप ने कहा कि दूसरों को धन देते रहेंगे तो खुद कैसे विकास करेंगे।

डिजिटल डेस्क, शिकागो। आने वाले समय में अमेरिका द्वारा भारत और चीन को दी जाने वाली सब्सिडी को बंद किया सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि इन दो देशों को सब्सिडी देना पागलपन है। उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत और चीन खुद को विकासशील देशों में गिनते हैं, ठीक उसी तरह हमें भी इसी वर्ग में गिना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत और चीन ने अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा विकास किया है। ट्रंप नॉर्थ डकोटा के फर्गो शहर में अपनी पार्टी मीटिंग को संबोधित कर रहे थे।

ट्रंप ने कहा, 'भारत और चीन विकासशील देश होने के नाते सब्सिडी पाते हैं। हमें उन्हें फंड देना पड़ता है। यह सब फालतू है। हमें यह रोकना होगा। हम इसे रोकने जा रहे हैं। हम भी विकासशील देश हैं। हमें भी धन की जरूरत होती है। हम दूसरों को धन देते रहेंगे तो खुद कैसे विकास करेंगे। हमसे फंड लेकर यह देश आगे निकल रहे हैं। हम बाकियों से आगे निकलना चाहते हैं। हम अधिक तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं।' 

ट्रंप ने वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) की भी जमकर आलोचना की। ट्रंप ने कहा कि WTO की वजह से हम पीछे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'WTO ने चीन को अपना सदस्य बना रखा है। इस वजह से चीन को एक बड़ी इकोनॉमी बनने में मदद मिल रही है। चीन और भारत या कोई और सभी देश विकासशील हैं, तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत और चीन को सब्सिडी देना पागलपन है। हमें इसे खुद पर इस्तेमाल करना चाहिए। हमें अपने देश का विकास करना चाहिए।' 

बता दें कि दुनिया के दो सुपरपॉवर अमेरिका और चीन के बीच पिछले कुछ महीनों से ट्रेड वॉर चल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन से आयात होने वाले प्रोडक्ट्स पर भारी-भरकम टैक्स लगाने के फैसले से चीन से अमेरिका आने वाली वस्तुएं महंगी हो गई थी। वहीं ट्रंप ने हाल ही में WTO को भी धमकी दी थी। ट्रंप ने कहा था कि WTO अगर शर्तों पर खरा नहीं उतरता है तो अमेरिका उससे अलग हो सकता है। इसके बाद अमेरिका ने पाकिस्तान और फिलिस्तान को दी जाने वाली  मदद भी रोक दी थी।  

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