दैनिक भास्कर हिंदी: राजनीतिक दखलंदाजी के शक में FB ने ईरान और रूस से जुड़े 652 अकाउंट डिलीट किए

August 22nd, 2018

हाईलाइट

  • इन फर्जी पेजों को करीब 1.55 लाख लोग फॉलो करते थे।
  • ईरान के पक्ष में होने वाले अमेरिकी सौदों को इन फर्जी अकाउंट से प्रमोट किया जा रहा था।
  • इन अकाउंट्स से लैटिन अमेरिका, मिडिल ईस्ट, अमेरिका और यूके की राजनीति में दखलंदाजी की जा रही थी।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। रूस और ईरान से जुड़े 652 फेक अकाउंट्स और पेज को फेसबुक ने डिलीट कर दिया है। मंगलवार रात ये कार्रवाई फेसबुक ने शक के अधार पर की है। इन फर्जी पेजों को करीब 1.55 लाख लोग फॉलो करते थे। कुछ अकाउंट 2013 से चल रहे थे। फेसबुक को शक था कि इन अकाउंट्स से लैटिन अमेरिका, मिडिल ईस्ट, अमेरिका और यूके की राजनीति में दखलंदाजी की जा रही थी। फेसबुक ने बयान जारी किया कि इन पेजों और अकाउंट्स से अलग-अलग अभियान चलाए जा रहे थे।  इनमें 3 अभियान ईरान से जुड़े थे। फेसबुक पर चलने वाले अभियानों पर नजर रखने वाली साइबर सिक्युरिटी कंपनी फायरआई ने बताया कि ये फर्जी अकाउंट और पेज एंटी-फिलिस्तीन, एंटी-सऊदी और एंटी-इजरायल थीम पर आधारित थे। बताया जा रहा है कि ईरान के पक्ष में होने वाले अमेरिकी सौदों को इन फर्जी अकाउंड से प्रमोट किया जा रहा था। इन अकाउंट्स से ट्रंप विरोधी कैंपेन चलाए जाने की बात भी कंपनी ने कही है। माना जाता है कि ऐसे कामों में ईरान की रुचि रहती है। ईरान से जुड़े एक अकाउंट पर लिबर्टी फ्रंट प्रेस अभियान चलाया जा रहा था। इसे ईरानी मीडिया भी सपोर्ट करने लगी थी। फेसबुक ने ऐसे तीन अन्य अभियानों को भी ट्रैस किया है। अकाउंट में लैटिन अमेरिका, मिडिल ईस्ट, अमेरिका और यूके से जुड़ा पॉलीटिकल कंटेंट पोस्ट किया जा रहा था। एक फेसबुक पेज ऐसा भी मिला, जिस पर विज्ञापन के लिए एक महीने के अंदर 6000 डॉलर (4.18 लाख रुपए) खर्च किए गए। फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि साइबर सिक्युरिटी का हल पूरी तरह कभी नहीं किया जा सकता है। हालांकि फेसबुक लगातार बड़े बदलाव कर इसे सुधारने की कोशिश कर रहा है।

 

अमेरिकी चुनाव को था खतरा
फेसबुक से जारी डाटा के मुताबिक कुछ फर्जी पेज और अकाउंट को अभियान चलाते पकड़ा गया, जिन्हें रूस से संबंधित माना जा रहा है, जिनपर यूक्रेन और सीरिया से जुड़ा कंटेंट डाला जा रहा था। कंपनी ने ऐसे 32 पेज और अकाउंट भी डिलीट किए हैं, जिन्हें अमेरिका में होने वाले मिड-टर्म चुनाव के लिए खतरनाक माना जा रहा था। लिबर्टी फ्रंट प्रेस से फेसबुक को 12 पेज, 66  अकाउंट और 9 इंस्टाग्राम अकाउंट जुड़े मिले। इन सब पर मालवेयर फैलाने, हैकिंग करने और साइबर सिक्युरिटी तोड़ने की जानकारी फैलाई जा रही थी। फेसबुक ने मीडिल ईस्ट और यूके पर निशाना साध रहे 140 अकाउंट भी हटा दिए हैं।