दैनिक भास्कर हिंदी: अमेरिकी सेना की मौजूदगी से सीरिया में बढ़ी अस्थिरता और असुरक्षा : ईरान

December 22nd, 2018

हाईलाइट

  • ईरान ने एक बार फिर अमेरिका पर निशाना साधा है।
  • ईरान ने कहा कि सीरिया में अमेरिकी सेना की उपस्थिति तर्कहीन और गलती थी।
  • ईरान ने कहा कि सीरिया में यूएस सेना की उपस्थिति ने क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचाया।

डिजिटल डेस्क, तेहरान। ईरान ने एक बार फिर अमेरिका पर निशाना साधा है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि सीरिया में अमेरिकी सेना की उपस्थिति तर्कहीन और एक बड़ी गलती थी। मंत्रालय के अनुसार, सीरिया में यूएस सेना की उपस्थिति ने क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचाया और इससे वहां अस्थिरता और असुरक्षा बढ़ी है। यूएस द्वारा सीरिया से सेना हटाने के निर्णय के बाद, यह तेहरान की ओर से पहला बयान है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम कासेमी ने शनिवार को अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा, 'अमेरिकी सेना की मौजूदगी शुरू से ही सैद्धांतिक रूप से गलत और तर्कहीन कदम था। सीरिया क्षेत्र में यूएस सेना की उपस्थिति इस क्षेत्र के लिए कुछ मददगार साबित नहीं हुई। इससे केवल सीरिया में अस्थिरता और असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई थी। अब यूएस खुद को गल्फ देशों का रखवाला नहीं कह सकता है।'

गौरतलब है कि ईरान काफी समय से यूएस सेना की सीरिया में मौजूदगी का विरोध करता रहा है। दरअसल सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल-असद ने सीरिया में ISIS के खिलाफ जारी गृह युद्ध के लिए ईरान से भी मदद मांगी थी। जिसपर एक्शन लेते हुए ईरान ने अपने सैन्य सलाहकार और हथियार भेजे थे। हालांकि कुछ समय बाद ईरान ने सीरिया सरकार से किनारा कर लिया था।

बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अमेरिकी सैनिकों को सीरिया से वापस बुलाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा है कि यूएस ने ISIS को हरा दिया गया है, लेकिन उनपर जीत हासिल करना इस लड़ाई का अंत नहीं है। हम इस अभियान के दूसरे चरण में पहुंच चुके हैं, इसलिए हमने अमेरिकी  सैनिकों को बुलाना शुरू कर दिया है। इस्लामिक आतंक को रोकने की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। 

ट्रंप के इस कदम के बाद यूएस के रक्षामंत्री जिम मैटिस इस फैसले से नाराज हो गए थे और गुरुवार को इस्तीफा दे दिया था। वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप के इस फैसले का स्वागत किया था। ऐसा कहा जा रहा है कि यूएस के इस फैसले से सीरिया में रूस और ईरान का प्रभाव बढ़ जाएगा।

खबरें और भी हैं...