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पाकिस्तान : मौलाना ने रखा विकल्प, इमरान इस्तीफा दें या 3 महीने में चुनाव हो

November 08th, 2019 19:00 IST
 पाकिस्तान : मौलाना ने रखा विकल्प, इमरान इस्तीफा दें या 3 महीने में चुनाव हो

हाईलाइट

  • पाकिस्तान : मौलाना ने रखा विकल्प, इमरान इस्तीफा दें या 3 महीने में चुनाव हो

इस्लामाबाद, 8 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे की मांग के साथ इस्लामाबाद में धरने पर डटे जमीयत उलेमाए इस्लाम-एफ के नेता मौलाना फजलुर रहमान ने सरकार को संदेश भिजवाया है कि या तो इमरान अभी इस्तीफा दें और अगर यह अभी संभव नहीं है तो फिर सरकार तीन महीने में फिर से आम चुनाव कराने पर सहमति दे।

पाकिस्तानी मीडिया ने विपक्षी दल और सरकार के बीच लगातार चल रही बातचीत से संबंद्ध सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि मौलाना फजल ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर चौधरी परवेज इलाही के जरिए प्रधानमंत्री इमरान खान और सरकार की वार्ता समिति को यह संदेश भिजवाया है।

सूत्रों ने बताया कि मौलाना ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री का इस्तीफा संभव नहीं है तो फिर तीन महीने के अंदर नए सिरे से आम चुनाव कराए जाएं। सरकार के पास यही दो विकल्प हैं, उसे इनमें से ही किसी एक को चुनना पड़ेगा।

उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि जमीयत उलेमाए इस्लाम-एफ ने ईद मिलादुन्नबी (रविवार-10 नवंबर) के दिन तक सरकार के जवाब का इंतजार करने का फैसला किया है। इसके बाद के लिए पार्टी ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। इस पर वे दस नवंबर के बाद अमल करेंगे।

सूत्रों ने बताया कि मौलाना फजल की अगली रणनीति देश के सभी बड़े राजमार्गो को बंद करने की है। सभी प्रांतीय विधानसभाओं और संसद की सीटों से इस्तीफा देने के विकल्प पर भी अमल हो सकता है।

सूत्रों ने कहा कि सरकार ने खुफिया विभाग की सूचनाओं के आधार पर आगे की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।