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तीन महीनों बाद पाक ने भारत के साथ शुरू की पोस्टल सर्विस, पार्सल सेवा अभी भी सस्पेंड

तीन महीनों बाद पाक ने भारत के साथ शुरू की पोस्टल सर्विस, पार्सल सेवा अभी भी सस्पेंड

हाईलाइट

  • पाकिस्तान ने मंगलवार को भारत के साथ डाक सेवा फिर से शुरू कर दी
  • पाकिस्तान आज भारतीय डाक अधिकारियों को 7 चिट्ठियां डिलीवर करेंगे
  • पाक ने 27 अगस्त के बाद से भारत की किसी भी डाक की खेप को स्वीकार नहीं किया है

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने मंगलवार को भारत के साथ डाक सेवा फिर से शुरू कर दी है। हालांकि पार्सल सर्विस अभी भी बंद है। डाक सेवा शुरू होने के बाद पाकिस्तानी पोस्टल ऑपरेटर अटारी वाघा बॉर्डर पर भारतीय डाक अधिकारियों को 7 चिट्ठियां डिलीवर करेंगे। पाकिस्तान ने 27 अगस्त के बाद से भारत की किसी भी डाक की खेप को स्वीकार नहीं किया है। इस आशय का औपचारिक सर्कुलर पाकिस्तान पोस्ट द्वारा देश के सभी पोस्ट आफिस को भेज दिया गया है।

जनरल पोस्ट आफिस रावलपिंडी के प्रशासन ने एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि पाकिस्तानी नागरिक पत्र, रजिस्ट्री, एक्सप्रेस लेटर भारत भेज सकेंगे लेकिन पार्सल व किसी अन्य सामान को भारत भेजने पर रोक बरकरार रहेगी। प्रशासन ने बताया कि सेवा बहाल होने के साथ ही पोस्टआफिसों को सैकड़ों पत्र भारत भेजने के लिए मिले। पाकिस्तानी नागरिकों की लगातार यह मांग बनी हुई थी कि उन्हें अपने भारतीय रिश्तेदारों से संपर्क के लिए पत्र भेजने की अनुमति दी जाए।

बालाकोट में एयर स्ट्राइक करने और 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इस बौखलाहट में उसने भारत के साथ पोस्टल सेवा, व्यापार और एयर स्पेस को बंद करने जैसे भी कदम उठाए हैं। पाकिस्तान ने पहली बार भारत के साथ डाक सेवा बंद करने का फैसला लिया था। 1965 की जंग और क‍रगिल युद्ध के समय भी दोनों देशों के बीच पोस्‍टल कम्‍युनिकेशन बंद नहीं हुआ था।

डाक सेवा बंद किए जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया था। केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा था कि 'पाकिस्तान का डाक मेल सेवा बंद करने का एकतरफा निर्णय अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने यह फैसला भारत को बिना नोटिस दिए लिया है।'

बता दें कि देश में 28 फॉरेन पोस्‍ट ऑफिसेज (FPO) हैं। इनमें से सिर्फ दिल्‍ली और मुंबई वाले FPOs में पाकिस्‍तान से चिट्ठियों का आदान-प्रदान होता है। कई मामलों में सिर्फ डाक से ही सूचना जाती है।

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