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हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने बताया इंटरनेशनल शेम, रिकंस्ट्रक्शन का आदेश दिया

हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने बताया इंटरनेशनल शेम, रिकंस्ट्रक्शन का आदेश दिया

हाईलाइट

  • पाक सुप्रीम कोर्ट ने अथॉरिटी को मंदिर के रिकंस्ट्रक्शन का आदेश दिया
  • लगभग 1,500 लोगों ने हिंदू मंदिर को तोड़ दिया और इसमें आग लगा दी थी

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को सुप्रीम कोर्ट ने देश के लिए इंटरनेशनल शेम बताया है। इसके साथ ही कोर्ट ने अथॉरिटी को मंदिर के रिकंस्ट्रक्शन का आदेश दिया है। बता दें कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट के करक जिले में  स्थानीय मौलवियों की अगुआई में लगभग 1,500 लोगों ने हिंदू मंदिर को तोड़ दिया और इसमें आग लगा दी थी। भीड़ ने इमारत को आग लगाने से पहले दीवारों को तोड़ने के लिए स्लेजहेमर का इस्तेमाल किया।

इससे पहले प्रांतीय सूचना मंत्री कामरान बंगश ने कहा था, 'हमें हमले से हुए नुकसान का अफसोस है।' उन्होंने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया था कि मुख्यमंत्री ने मंदिर और आसपास के घर के पुनर्निर्माण का आदेश दिया है। हिंदू समुदाय के समर्थन से निर्माण जल्द से जल्द शुरू होगा। साइट पर सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी। वहीं पाकिस्तान की टॉप कोर्ट ने अधिकारियों को मंदिर को तोड़ने की घटना पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। 

मंगलवार को अदालत ने एवेक्यू प्रॉपर्टी ट्रस्ट बोर्ड (ईपीटीबी) को मंदिर के रिकंस्ट्रक्शन और देश के सभी फंक्शनल और नॉन-फंक्शनल टेंपल और गुरुद्वारों की जानकारी प्रस्तुत करने का आदेश दिया। ETBP पाकिस्तान सरकार का एक वैधानिक बोर्ड है जो विभाजन के बाद भारत गए हिंदुओं और सिखों की छोड़ी गई संपत्तियों का प्रशासन करता है। पाकिस्तान के चीफ जस्टिस (सीजेपी) गुलज़ार अहमद ने मंदिर तोड़ने की घटना को अंतर्राष्ट्रीय शर्मिंदगी बताते हुए ईपीटीबी को देश भर के मंदिरों से अतिक्रमण हटाने और अतिक्रमण में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश भी दिया। 

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।