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बिम्स्टेक सम्मेलन: नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी और शेख हसीना से पीएम मोदी ने की मुलाकात

August 30th, 2018 16:05 IST

हाईलाइट

  • प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय नेपाल दौरे पर ।
  • बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल।
  • 7 देशों के प्रमुख से करेंगे मुलाकात ।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे नेपाल पहुंचे। नेपाल के नेपाल रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल ने पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी यहां बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर सेक्टोरल टेक्नीकल एंड इकॉनोमिक को-ऑपरेशन (BIMSTEC Summit) के चौथे सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी बिम्सटेक में शामिल सभी नेताओं के साथ 30 अगस्त को सम्मेलन के आयोजक नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से मुलाकात की। इसके साथ ही पीएम मोदी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीन से भी मिले। सम्मेलन का पहला सत्र दोपहर में होगा और रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ भोज होगा। 31 अगस्त को सम्मेलन का समापन किया जाएगा।


पीएम मोदी ने नेपाल रवाना होने से ठीक पहले सोशल मीडिया पर डाली गई एक पोस्ट में कहा कि शिखर बैठक के दौरान वे ‘‘बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल' (बिम्सटेक) देशों के नेताओं के साथ क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत बनाने, कारोबारी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने और शांतिपूर्ण एवं समृद्ध बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के निर्माण में सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के बारे में चर्चा करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि चौथा बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन अब तक इस समूह के तहत हुई प्रगति को और आगे बढ़ाएगा और शांतिपूर्ण एवं समृद्ध बंगाल की खाड़ी के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन से इतर उन्हें बांग्लादेश, म्यामांर, श्रीलंका, भूटान और थाईलैंड के नेताओं से बातचीत करने का अवसर मिलेगा। 

गौरतलब है कि सात देश के इस समूह में दक्षेस के बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका शामिल है। इनके अलावा आसियान के दो देश म्यामांर और थाईलैंड भी इसके सदस्य हैं। इस बैठक में सदस्य देशों के बीच आतंकवाद सहित सुरक्षा के विविध आयाम, मादक पदार्थो की तस्करी, साइबर अपराध, आपदाओं के अलावा कारोबार एवं सम्पर्क से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी और आपसी सहयोग मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, आतंकवाद से मुकाबला सभी बिम्सटेक देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय है। गोवा में वर्ष 2016 में संपन्न बिम्सटेक आउटरीच सम्मेलन में जारी घोषणापत्र में आतंकवाद से मुकाबले पर विचार विमर्श हुआ था। उस बैठक में जोर दिया गया था कि आतंकवादी गतिविधियों को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। बिम्सटेक बैठक से इतर प्रधानमंत्री समूह के देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक एवं चर्चा भी कर सकते हैं। 

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