comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

पाकिस्तान: चुनावी रैली में सुसाइड ब्लास्ट, 14 की मौत, 50 से अधिक घायल

July 11th, 2018 14:48 IST

हाईलाइट

  • पाकिस्तान के पेशावर में एक चुनावी रैली में आत्मघाती हमला।
  • ANP उम्मीदवार हारुन अहमद बिलौर सहित 14 की मौत।
  • हमले में 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
  • पाकिस्तान में 25 जुलाई को चुनाव हैं।

डिजिटल डेस्क, पेशावर। पाकिस्तान में आतंकी अब चुनावी रैलियों को निशाना बना रहे हैं। मंगलवार रात को पेशावर में एक चुनावी रैली के दौरान आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें अवामी नेशनल पार्टी (ANP) के उम्मीदवार सहित 14 लोगों की मौत हो गई। जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। 

जानकारी के मुताबिक मंगलवार को अवामी नेशनल पार्टी की तरफ से पेशावर के याकातूत इलाके में चुनावी रैली आयोजित की गई थी। प्रांतीय सीट से ANP उम्मीदवार हारुन अहमद बिलौर चुनावी सभा को संबोधित करने जा रहे थे, तभी आत्मघाती हमलावर ने खुद को बम से उड़ा लिया। ये भी कहा जा रहा है कि धमाके में बिल्लौर गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।


हालांकि अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। जबकि पुलिस का भी यही कहना है कि ये एक आत्मघाती हमला था। हमले में हारुन बिलौर को निशाना बनाया गया। फिलहाल राहत और बचाव टीम मौके पर मौजूद है और घटना की जांच भी शुरू कर दी गई है। वहीं घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पेशावर खैबर पख्तूनवा प्रांत में पड़ता है और यहां अवामी नेशनल पार्टी की सरकार है। वहीं पाकिस्तान में 25 जुलाई को चुनाव भी होने हैं। गौरतलब है कि 2012 में हारून बिलौर के पिता बशीर बिलोर को भी किस्सा ख्वानी बाजार में आत्मघाती ब्लाल्ट में उड़ा दिया गया था। 2013 के चुनाव में भी तालिबानी हमलावरों के निशाने पर ANP ही थी।

अब हमले की निंदा भी शुरू हो गई है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए राजनीतिक दलों और उनके उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा की मांग की है।

उन्होंने ट्वीट किया है, हारून बिलौर और दो अन्य एएनपी कार्यकर्ताओं की मौत से काफी दुख पहुंचा है और पेशावर में एएनपी मीटिंग के दौरान हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। सभी राजनीतिक पार्टियों और उनके नेताओं को चुनाव प्रचार के दौरान राज्य में सुरक्षा दी जानी चाहिए।

कमेंट करें
IHY5c
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।