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इंडोनेशिया में भूकंप से 82 लोगों की मौत, सुनामी की चेतावनी जारी

August 06th, 2018 09:20 IST
इंडोनेशिया में भूकंप से 82 लोगों की मौत, सुनामी की चेतावनी जारी

हाईलाइट

  • इंडोनेशिया के फेमस टूरिस्ट आईलैंड लॉम्बोक में रविवार को शक्तिशाली भूकंप आया।
  • रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई।
  • भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।

डिजिटल डेस्क, जकार्ता। इंडोनेशिया के फेमस टूरिस्ट आईलैंड लॉम्बोक में रविवार को शक्तिशाली भूकंप आयहै। भारतीय समयानुसार शाम 05.16 बजे लॉम्बोक में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 बताई जा रही है। इसका केंद्र धरती से करीब 10 किलोमीटर अंदर था। इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या 82 हो गई है जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।अधिकारियों का कहना है कि भूकंप से कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप के बाद सुनामी की भी चेतावनी जारी की गई है। बता दें कि इससे पहले भी 6.4 तीव्रता का भूकंप इसी इलाके में आया था, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई थी।

सूनामी की चेतावनी जारी करने के बाद अधिकारियों ने लोगों को समुद्र से दूर बसे इलाकों में चले जाने को कहा है। वहीं लोगों से कहा गया है कि वह शांति बनाए रखे और घबराएं नहीं। बाली में भी घर और होटलों से लोग बाहर भागते हुए देखे गए। एक ऑस्ट्रेलियन टूरिस्ट मिचेल लिंडसे ने कहा कि होटल में सभी गेस्ट बाहर की तरफ भाग रहे थे और मैं भी उन्हीं के साथ बाहर भागा। सड़कों पर बड़ी संख्या में भीड़ी इकट्ठा हो गई थी।

पहले आया था 6.4 तीव्रता का भूकंप
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इंडोनेशिया में शक्तिशाली भूकंप आया था। ये भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7 बजे आया था। भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र लॉमबोक के मताराम से 50 किलोमीटर पूर्वोत्तर में स्थित था, जहां की आबादी करीब 3,19,000 है। भूकंप के कारण 17 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 40 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 1000 से ज्यादा इमारतों को भी नुकसान पहुंचा था।

रिंग ऑफ फायर पर इंडोनेशिया
इंडोनेशिया में भूकंप का ज्यादा खतरा रहता है क्योंकि ये देश 'रिंग ऑफ फायर' यानी लगातार भूकंप और ज्वालामुखीय विस्फोटों की रेखा पर स्थित है। ये रेखा प्रशांत महासागर के लगभग पूरे हिस्से को घेरती है। 2016 में भी सुमात्रा द्वीप समूह में 6.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 40 हजार से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़कर दूसरी जगहों पर जाना पड़ा था। 

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