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US Election 2020: अमेरिका में 46वें राष्ट्रपति के लिए शुरू हुआ मतदान, हैरिस के लिए तमिलनाडु के गांव में पूजा

US Election 2020: अमेरिका में 46वें राष्ट्रपति के लिए शुरू हुआ मतदान, हैरिस के लिए तमिलनाडु के गांव में पूजा

हाईलाइट

  • ट्रंप की ताबड़तोड़ रैलियां डालेंगी मतदाताओं पर असर
  • करीब 10 करोड़ लोगों ने पोस्टल बैलट से डाला वोट
  • भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या असर डालेगा यह चुनाव

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के चयन के लिए मतदान शुरू हो गए हैं। इस चुनावी जंग में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन चुनौती दे रहे हैं। भारतीय समयानुसार अमेरिका में दोपहर 3.30 बजे (अमेरिका के समयानुसार सुबह 6 बजे) मतदान शुरू हुआ। वोटिंग भारतीय समयानुसार सुबह 6.30 बजे तक (अमेरिकी समयानुसार रात 9 बजे) तक चलेगी।

Who will win the 2020 US election? Latest polls and predictions | World | The Times

करीब 10 करोड़ लोगों ने पोस्टल बैलट से डाला वोट
अमेरिका में मतदान जारी है। वहीं, मंगलवार की सुबह तक (अमेरिकी समयानुसार) पोस्टल बैलट के माध्यम से करीब 10 करोड़ वोट डाले जा चुके हैं। वहीं, मंगलवार को छह करोड़ और लोगों द्वारा मतदान किए जाने की संभावना है। 

इस तरह होता है राष्ट्रपति का चयन
अमेरिका में राष्ट्रपति का चयन सीधे जनता के वोट से नहीं किया जाता है। नेशनल पॉपुलर वोट के जरिए 538 सदस्यीय निर्वाचन प्रतिनिधियों के जरिए राष्ट्रपति का चयन होता है। इसमें हर उम्मीदवार को जीतने के लिए 270 का बहुमत चाहिए होता है। हर राज्य में एक निश्चित निर्वाचन प्रतिनिधि होते हैं।

भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या असर डालेगा यह चुनाव
चुनाव के परिणाम चाहे जो भी हों, भारत के साथ अमेरिका के रणनीतिक संबंधों की वर्तमान गति बरकरार रहने की उम्मीद है। यह संकेत नीतिगत दस्तावेजों और राष्ट्रपति पद के लिए दोनों प्रत्याशियों के प्रचार के दौरान की गई टिप्पणियों से मिलता है। ट्रंप ने अपने प्रचार अभियान के दौरान नरेंद्र मोदी के साथ संबंधों को लेकर कहा था कि उन्हें भारत का अच्छा समर्थन हासिल है। वहीं, बिडेन ने जुलाई में कहा था कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार हैं। भारत हमारी सुरक्षा में आवश्यक और महत्वपूर्ण है।

मतदाताओं को लुभाने के लिए सोशल मीडिया पर अपील
प्रचार अभियान समाप्त होने से पहले डोनाल्ड ट्रंप और जो बिडेन ने किसे मत डालना है इसे लेकर अब भी अपना मन नहीं बना पाए अमेरिकी मतदाताओं को लुभाने के आखिरी प्रयास के तहत सोशल मीडिया पर अपने पक्ष में मतदान की अपील की थी। ट्रंप ने आधी रात के बाद ट्वीट किया, 'मेरे सभी समर्थकों को हृदय की गहराइयों से शुक्रिया। आप शुरुआत से जुड़े रहे हैं और मैं आपको निराश नहीं करूंगा। आपकी उम्मीदें, मेरी उम्मीदें हैं, आपके सपने मेरे सपने हैं और आपके भविष्य के लिये मैं रोजाना जूझ रहा हूं।' वहीं, बिडेन ने कहा, 'मैं गौरवान्वित डेमोक्रेट के तौर पर चुनाव लड़ रहा हूं और लेकिन सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर संचालित करूंगा।'

तमिलनाडु के गांव में कमला हैरिस के लिए पूजा
इस चुनाव में डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बिडेन की रनिंग मेट यानी उप राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी कमला हैरिस की जीत के लिए तमिलनाडु के एक गांव में विशेष पूजा का आयोजन किया गया है। बता दें कि तिरुवर जिले के थुलसेंद्रापुरम में कमला हैरिस के रिश्तेदार रहते हैं। इस गांव के लोगों ने हैरिस की जीत के लिए पूजा की है। उपराष्ट्रपति पद के लिए हैरिस के सामने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार माइक पेंस हैं। हैरिस के पिता जमैका से जबकि मां भारत से संबंध रखती थीं। हैरिस के नाना पीवी गोपालन पूर्व राजनयिक थे और इस गांव के निवासी थे। इस गांव के निवासी अपनी नवासी को चुनाव में जीतते हुए देखना चाहते हैं।

जो जीता वो बनेगा अमेरिकी इतिहास का सबसे अधिक उम्र वाला राष्ट्रपति
इस साल के चुनाव में बिडेन, ट्रंप को खासी चुनौती दी है। अगर बिडेन (77) यह चुनाव जीतते हैं तो वह अमेरिकी इतिहास के सबसे अधिक आयु के राष्ट्रपति बन जाएंगे। बिडेन 20 नवंबर को 78 साल के हो जाएंगे। वहीं, 74 वर्षीय ट्रंप को अगर दोबारा मौका मिलता है तो वह भी अमेरिकी इतिहास के सबसे अधिक आयु के राष्ट्रपति बन जाएंगे।

हाई अलर्ट पर सरकारी एजेंसियां, व्हाइट हाउस किले में तब्दील
आज हो रहे मतदान को लेकर सरकारी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सीक्रेट सर्विस ने व्हाइट हाउस को किले में तब्दील कर दिया है। राष्ट्रपति के आवास के परिसार के चारों ओर एक अस्थायी दीवार खड़ी की गई है। इन चुनावों को देश के हालिया इतिहास के सबसे विभाजनकारी चुनावों में से एक बताया जा रहा है। 

न्यू हैंपशायर में डाला गया पहला वोट
राष्ट्रपति पद पर चुनाव के लिए पहला वोट अमेरिका के उत्तर-पूर्वी राज्य न्यू हैंपशायर में डाला गया। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार न्यूहैंपशायर के डिक्सविल नॉच और मिल्सफील्ड में पहला वोड डाला गया। बता दें कि डिक्सविल नॉच में महज पांच मतदाता हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।