US-ईरान -इजराइल जंग: पूर्व अमेरिकी एनएसए जॉन बोल्टन ने कहा तेल राजस्व को खत्म करने के मकसद से ट्रंप को अब होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी करनी चाहिए

पूर्व अमेरिकी एनएसए जॉन बोल्टन ने कहा तेल राजस्व को खत्म करने के मकसद से ट्रंप को अब होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी करनी चाहिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर हुई बातचीत के बाद बोल्टन का बयान सामने आया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व एनएसए जॉन बोल्टन ने यूएस -ईरान युद्ध को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। बोल्टन ने कहा कि अमेरिका को अब ईरान के ऑयल रेवेन्यू को खत्म करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी करनी चाहिए।

जॉन बोल्टन का कहना है कि ऐसा मुझे लगता है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच साफ है कि वे ईरान से तेल खरीदने के इच्छुक हैं। दो भारतीय जहाज हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट से निकले भी हैं। हालांकि इस लेन-देन का प्रभाव भू-राजनीति पर पड़ता है। बोल्टन ने कहा कि इस तरह राजस्व का प्रवाह क्षेत्रीय सैन्य संतुलन को सीधे तौर पर असर डालता रता है और इससे ईरान को राजस्व मिलता है और उसकी युद्ध मशीन चलती रहती है।

जॉन बोल्टन का बयान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फोन पर हुई बातचीत के बाद आया। बोल्टन ने दोनों नेताओं के हुई बातचीत का अपने हिसाब से आकलन किया, उनके आकलन अनुसार कि मोदी और ट्रंप की बातचीत में क्षेत्रीय संघर्ष और ईरानी ऊर्जा पर भारत की निर्भरता पर चर्चा हुई होगी।

Created On :   25 March 2026 8:24 AM IST

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