संकट के बीच चुनाव: ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी के बीच डेनमार्क में आज हुआ मतदान, PM मेटे फ्रेडरिक्सन की तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी के बाद डेनमार्क में आज मंगलवार को आम चुनाव के लिए मतदान हुआ। डेनमार्क में प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में हैं। डेनमार्क के आम चुनाव में बढ़ती महंगाई और असमानता जैसे प्रमुख मुद्दों के साथ ही बदले हालात में देश की परमाणु नीति और सख्त अप्रवासन नीति भीअहम मुद्दा बना। आम चुनाव ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी के बाद हो रहे हैं। इलेक्शन में करीब 43 लाख से अधिक वोटर्स डेनमार्क की संसद के लिए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं। डेनमार्क में संसद का कार्यकाल चार साल का होता है।
यह भी पढ़े -पीएम फ्रेडरिक्सन ने 7 महीने पहले घोषणा करने का किया दावा, क्या ग्रीनलैंड के मुद्दे पर मिली सफलता?
प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन ने पिछले महीने समय से पहले चुनाव कराने का ऐलान किया था। माना जा रहा है कि ग्रीनलैंड संकट के दौरान उनकी मजबूत नेतृत्व वाली छवि का फायदा उठाने के उद्देश्य से उन्होंने तय समय से पहले चुनाव कराने का फैसला किया है। ग्रीनलैंड विवाद के दौरान प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन ने अमेरिकी दबाव में झुकने से इनकार कर दिया था, जिससे ग्रीनलैंड और डेनमार्क में फ्रेडरिक्सन की लोकप्रियता में उछाल आया है। डेनमार्क, जो यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य है, वहां यह चुनाव राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
आपको बता दें ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक खुला क्षेत्र है और रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है। अमेरिका की सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड अहम है, इसे लेकर ट्रंप ने कई बार कब्जा करने की धमकी भी दी है। ट्रंप का के मुताबिक यहां से मिसाइल डिफेंस सिस्टम को मजबूत किया जा सकता है। उन्हें ये भी आशंका है रूस और चीन यहां अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर सकते है। इसी वजह से उन्होंने सहयोगी देशों पर दबाव बनाने और ग्रीनलैंड पर कब्जे करने की धमकी दी है।
आपको बता दें डेनमार्क में अक्टूबर में आम चुनाव प्रस्तावित थे, लेकिन यूक्रेन जंग और नोर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने पर जिस मजबूती से प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने अपने देश का पक्ष रखा, उससे फ्रेडरिक्सन की लोकप्रियता में भारी उछाल आया, जिसके बाद फ्रेडरिक्सन सरकार ने समय से पहले चुनाव कराने का डिसीजन लिया। पीएम फ्रेडरिक्सन को मौजूदा रक्षा मंत्री और सेंटर-राइट लिबरल पार्टी के नेता ट्रोएल्स पॉलसन से कड़ी चुनौती मिल सकती है। जबकि लिबरल गठबंधन के लीडर एलेक्स वनोप्सलाग भी एक लोकप्रिय उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं।
Created On :   24 March 2026 3:20 PM IST













