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इन संकेतों से जानें कि आपका बच्चा समलैंगिक है या नहीं?

September 12th, 2018 14:40 IST

डिजिटल डेस्क।  हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने 377 पर फैसला सुनाते हुए समलैंगिकता (समलैंगिक) को अपराध की श्रेणी से बाहर रखा है। ये एतिहासिक फैसला 7 सितंबर को सुनाया गया। धारा 377 के बाद अब भारत में समलैंगिक रिश्तों को वैधता मिल गई है, लेकिन अब भारत के हर परिवार में चिंता इस बात की बढ़ गई है कि कहीं उनका बेटा या बेटी भी होमोसेक्सुअल तो नहीं? और अगर है तो कहीं वो भी समलैंगिक रिश्तों में पड़ कर परिवार की इज्जत को ठेस ना पहुंचा दे। दरअसल भारत एक ऐसा देश है जहां अंतर्जातीय विवाह को भी क्राइम की नजरों से देखा जाता है। अंतर्जातीय विवाह लीगल होने के बावजूद हर साल ऑनर किलिंग के आंकड़े बढ़ जाते है। ऐसे में भारत में समलैंगिक रिश्तों को वैधता मिलना समाज के लिए एक झटका है।समलैंगिक का मतलब होता है होमोसेक्सुअल, यानेकि सेम सेक्स की तरफ आकर्षित होने वाला 


इस धारा के बाद अब मां-बाप को चिंता सता रही है कि कहीं उनका बच्चा होमोसेक्सुअल ना हो। अगर आप भी अपने बच्चे के होमोसेक्सुअल ना होने की दुआ मांग रहे हैं तो ये भी जान लीजिए कि ईश्वर ने जिसे जैसे बनाया है उसे कोई बदल नहीं सकता और आपको ईश्वर की मर्जी के आगे झुकना ही पड़ता है। इसलिए हर मां बाप के लिए ये जनना जरूरी है कि उनका बच्चा होमोसेक्सुअल है या नहीं, ताकि वो अपने बच्चे को वैसी ही परवरिश दे सकें जैसी उसे जरूरत है। दरअसल कई बार हम बच्चों के मामले में थोड़े लापरवाह हो जाते हैं। खासकर उनकी गतिविधियों और इच्छाओं को लेकर। जब आपका बच्चा इतना बड़ा हो जाए कि वो इसे लेकर भी अपनी इच्छा जताने लगे कि उसे क्या पहनना अच्छा लगता है और क्या नहीं। उसे क्या पसंद या और क्या नहीं, तो जरा सावधानी बरतें। कुछ संकेत हैं जिन्हें पैरेंट्स को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हो सकता है कि ये होमोसेक्सुअल होने के संकेत हों।

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