Ram Mandir Donation Theft: चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि, राम मंदिर ट्रस्ट ने जारी किया बयान, अब महासचिव के पद पर काम नहीं करेंगे चंपत राय

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम मंदिर चंदा चोरी से जुड़े विवाद और बढ़ता जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस खबर को विश्व हिंदू परिषद ने खारिज कर दिया था लेकिन अब राम मंदिर ट्रस्ट ने बयान जारी करते हुए इस्तीफे की पुष्टि कर दी है।
इस्तीफे पर आगे होगा अंतिम फैसला
ट्रस्ट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये भी कहा गया है कि बीते कुछ दिनों से राम मंदिर परिसर में सुनी जा रही अप्रिय और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से पूरा ट्रस्ट आहत और दुखी है। सभी रामभक्तों और रामसेवकों के प्रतिनिधि के तौर पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए और भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। ट्रस्ट ने ये भी कहा है कि महामंत्री चंपत राय और अनिल मिश्रा का त्यागपत्र मिल चुका है, इस पर ट्रस्ट आने वाली बैठक में चर्चा करेगा और अंतिम फैसला लेगा।
मूल्यवान वस्तुओं पर क्या बोला ट्रस्ट?
ट्रस्ट ने उड़ रही अफवाहों पर ब्रेक लगाते हुए ये भी बताया है कि देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाते हुए ट्रस्ट ने कहा है कि जिन भी भक्तों ने प्रभु श्रीराम की सेवा में चांदी की ईंटें और सोने के आभूषण जैसे मूल्यवान वस्तुएं ट्रस्ट को सौंपी थीं वे सभी वस्तुएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। साथ ही सभी के पैसे का भी पूरा हिसाब है।
8 लोग पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इस विवाद की शुरुआत 7 जून को हुई थी, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। इसके बाद 13 जून को विशेष जांच टीम बनाई गई। जांच टीम ने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी। फिर 25 जून की रात मामला दर्ज किया गया और अगले ही दिन पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल जांच जारी है और सभी की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
Created On :   27 Jun 2026 4:42 PM IST












