मध्यप्रदेश के झाबुआ में बड़ा हादसा: वाटर फिल्टर प्लांट में गैस लीक से मचा हड़कंप, 49 बीमार, ऑक्सीजन सपोर्ट पर कई लोग, आंखों में जलन-सांस लेने में तक्लीफ

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में शुक्रवार रात को बड़ा हादसा हो गया। झाबुआ के पद्मावती नदी किनारे में बने वाटर फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस लीक हो गई। इस दौरान 7 कर्मचारियों समेत 49 लोग बीमर हो गए। इनमें से कई लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना थांदला इलाके की पुरानी मंडी की बताई जा रही है।
झाबुआ में वॉटर फिल्टर प्लांट से गैस लीक
इस घटना के बाद लगभग एक किलोमीटर के इलाके में गैस फैल गई थी। इससे लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में तक्लीफ होने लगी। वाटर फिल्टर प्लांट से गैस लीक की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
इस घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने प्रशासन को दी। इसके बाद मौके पर एसडीएम भास्कर गाचले और टीआई अशोक कनेश पुलिस बल के साथ पहुंचे। इसके अलावा नगर परिषद की टीमें भी मौके पर पहुंची। स्थिति पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड और नगर परिषद के कर्मचारी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
इस मामले के सामने आने के बाद मेघनगर स्थित इंडस्ट्री से तकनीकि सहयोग लिया गया। वहीं, इंदौर से विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने प्लांट में मौजूद अन्य टैंकों की जांच की। इसके बाद गैस रिसाव को रोक दिया गया है। इसके अलावा किसी और रिसाव की संभावना को टालने की कोशिश की जा रही है।
वाटर फिल्टर प्लांट के नजदीक रह रहें लोगों की सुरक्षा को ध्यान रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में घर-घर सर्वे कर रही है। जिन भी लोगों में लक्षण पाए जा रहे हैं, उन्हें फौरन एहतियातन ऑब्जर्वेशन में रखा जा रहा है। जिससे किसी भी तरह के खतरे को टाला जा सके।
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घटना में 49 लोग घायल
नगर परिषद के इंजीनियर पप्पू बारिया ने बताया कि प्लांट में शाम करीब 5 बजे गैस लीक हो गया। स्थिति को शाम 7 बजे तक काबू में कर लिया गया। लगभग 9 बजे तक हालात पूरी तरह से सामान्य हो गए थे। इस घटना से वहां के निवासियों के साथ-साथ प्लांट में काम करने वाले 5 से 7 कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं।
बीएमओ डॉ. डावर के मुताबिक, 2-3 मरीजों को ज्यादा परेशानी थी, लेकिन इलाज के बाद अब सभी की स्थिति सामान्य है। वर्तमान में सभी मरीजों का इलाज चल रहा है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। कुछ मरीजों को एहतियातन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
थांदला टीआई अशोक कनेश ने बताया कि फिलहाल रिसाव पूरी तरह रोक दिया गया है और स्थिति सामान्य है। फायर ब्रिगेड और नगर परिषद के कर्मचारियों ने मौके पर डटे रहकर गैस रिसाव को नियंत्रित किया।
फिलहाल, शुरुआत तौर पर गैस रिसाव के पीछे तकनीकी खराबी बताई जा रही है। हालांकि घटना में लापरहवाही को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस पूरी घटना की अधिकारी जांच में जुटे हैं। जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। वहीं, नगर परिषद की टीम फिलहाल कुछ भी कहने से बच रही है।
Created On :   4 April 2026 12:57 AM IST












