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हरियाणा चुनाव: 3D के सिद्धांत पर चलती थी कांग्रेस की सरकार

हरियाणा चुनाव: 3D के सिद्धांत पर चलती थी कांग्रेस की सरकार

हाईलाइट

  • झज्जर और गुरुग्राम में चुनावी सभाओं में विरोधियों पर बरसे गृहमंत्री शाह
  • 21 अक्टूबर को हरियाणा में सभी 88 सीटों पर होंगे मतदान
  • कांग्रेस को बताया दरबारियों, दामाद और दामाद के दलालों की सरकार।

डिजिटल डेस्क, झज्जर। कांग्रेस की सरकार 3D के सिद्धांत पर चलती थी। D- दरबारियों की सरकार, D- दामाद की सरकार, D- दामाद के दलालों की सरकार। वहीं भाजपा के 3D हैं। D- डेवलपमेंट, D- डेवलपमेंट और D- डेवलपमेंट। यह कहना है केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का। वे बुधवार को झज्जर में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। 

इस दौरान उन्होंने कहा कि आगामी 21 तारीख को हरियाणा की जनता तय करने वाली है कि राज्य में किस पार्टी की सरकार रहेगी। एक ओर मोदी जी के नेतृत्व में देशभक्तों की टोली वाली भाजपा है। दूसरी ओर दरबारियों और दलालों से भरी कांग्रेस पार्टी है। आपने तय करना है कि मौका किसे देना है।

शाह ने आगे कहा कि 70 साल से कई सरकारें आईं और गईं, कई प्रधानमंत्री आए और गए, लेकिन किसी ने अनुच्छेद 370 को हटाने की हिम्मत नहीं की।आप  सबने 300 से ज्यादा सीटें जिताकर मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया और पहले ही सत्र में मोदीजी ने अनुच्छेद-370 को हटाकर कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने का काम किया। 370 के कारण पाकिस्तान कश्मीर के युवाओं को गुमराह करता था। उनके हाथ में हथियार पकड़ता था।

आतंकवाद का दौर ऐसा चला कि कांग्रेस के शासन में 90 से लेकर आज तक 40 हजार से ज्यादा लोग आतंकवाद की भेट चढ़ गए, लेकिन धारा-370 कांग्रेस नहीं हटाती थी। मोदी जी ने धारा-370 को हटा​ दिया और एक कठोर संदेश भेजा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, अब आतंकवाद का नामोनिशान इस देश के अंदर हम नहीं रहने देंगे।

उन्होंने देश में घुसपैठियों मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, 370 हटाने का, NRC का, सभी का विरोध करती है। कांग्रेस पार्टी के नेता कहते हैं कि घुसपैठियों को देश से क्यों निकाला जा रहा है। ये चाहे कितना भी विरोध करें, देश से एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकाला जाएगा।

हरियाणा में 10 लाख किसानों का ब्याज माफ किया। मुआवजे की रकम को 7,000 रुपए से बढ़ाकर 12,000 रुपए प्रति एकड़ किया। 5 साल में 3600 करोड़ का मुआवजा दिया। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हरियाणा को नंबर एक का राज्य बनाया। पहले कोई भी मुख्यमंत्री आता था तो वो अपने ही जिले का विकास करता था। मनोहर लाल जी ने पूरे हरियाणा का विकास किया है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।