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JNU Violence: जेएनयू ने केंद्र सरकार को भेजी रिपोर्ट, क्राइम ब्रांच करेगी जांच


हाईलाइट

  • देर रात हमलावरों ने किया हमला
  • हमले में 25 से अधिक छात्र घायल
  • दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक बार फिर बड़ा बवाल हुआ है। रविवार देर रात को यूनिवर्सिटी कैंपस में कुछ नकाबपोश हमलावरों ने हमला कर दिया। जिसमें कई छात्र-घात्राएं घायल हो गए। फिलहाल एम्स में भर्ती सभी घायलों को छुट्टी दे दी गई है। इस पर अब राजनीति तेज हो गई है। देश के कई हिस्सों मे छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। जेएनयू छात्र संघ ने दावा किया है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने हिंसा को अंजाम दिया है। वहीं, एबीवीपी ने लेफ्ट विंग पर मारपीट करने का आरोप लगाया है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हिंसा की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि पता चल सके इस पूरे कांड के पीछे कौन षड्यंत्रकारी है। 

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि यह लोकतंत्र पर खतरनाक और नियोजित वार है। दिल्ली की पुलिस केजरीवाल के नियंत्रण में नहीं बल्कि केंद्र सरकार के अधीन है। एक तरफ उन्होंने गुंडे भेजे और दूसरी तरफ पुलिस को निष्क्रिय कर दिया। 

असदुद्दीन ओवैसी ने जेएनयू हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि सत्ता में बैठे लोगों ने इन्हें हरी झंडी दी थी। सबसे बुरी बात तो ये है कि पुलिस ने इन लोगों को सुरक्षित गुजरने दिया। 

हैदराबाद में प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स के कार्यकर्ताओं ने ओस्मानिया विश्वविद्लाय में जेएनयू हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन किया। 

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हम हमले की निंदा करते हैं। कांग्रेस, वामपंथी, आप और कुछ अराजक तत्व देशभर के यूनिवर्सिटी में हिंसा का माहौल बनाना चाहते हैं। 

जेएनयू के साबरमती हॉस्टल के सीनियर वार्डन आर मीणा ने इस्तीफा दे दिया है। 

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। 

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इस बारे में कुछ भी बोलना अभी उचित नहीं है। यूनिवर्सिटी को राजनीति का अड्डा बनाना ठीक नहीं है। छात्रों को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। 

सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया की जांच होगी: डीसीपी देवेंद्र आर्य

गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से बात की और कहा कि वो जेएनयू के प्रतिनिधियों से बात करें। 

वामपंथी छात्र खराब कर रहे जेएनयू की छवि: गिरिराज सिंह

बसपा प्रमुख मायावती और मध्यप्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने ट्वीट कर घटना पर सरकार पर हमला किया। 

आक्रोशित छात्रों ने पुलिस को परिसर में मार्च करने से रोका
जेएनयू परिसर में कुछ देर की शांति के बाद सोमवार तड़के तनाव फिर बढ़ गया। आक्रोशित छात्रों ने विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) आर.एस. कृष्णया की अगुआई में परिसर में हो रहे पुलिस मार्च को अवरुद्ध कर दिया। छात्रों ने साबरमती टी-पॉइंट पर पुलिस मार्च रोक दिया। पुलिस ने हालांकि उन छात्रों के अवरोध से बचते हुए कनवेंशन सेंटर की तरफ मार्च जारी रखा। लेकिन उनके थोड़े ही आगे बढ़ते ही प्रदर्शनकारी छात्रों ने एक बार फिर पुलिस का मार्ग रोक दिया।

प्रियंका गांधी जेएनयू के घायल छात्रों से मिलने एम्स पहुंचीं
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को एम्स पहुंचकर वहां उपचाराधीन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के घायल छात्रों से बात की। विश्वविद्यालय परिसर में रविवार को दो गुटों के बीच झड़प के दौरान घायल छात्रों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रियंका गांधी ने घायल छात्रों से मिलने सीधे एम्स पहुंची थीं।

पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
छात्रों पर हुए हमले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने एक स्पेशल टीम गठित की है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने इस जांच के आदेश दिए हैं। दिल्ली पुलिस की ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी सिंह यह जांच करेंगी। जेएनयू में हुई हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से पूरी जानकारी मांगी है।

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