दैनिक भास्कर हिंदी: Earthquake: 3.2 तीव्रता से फिर थर्राई दिल्ली-NCR, डेढ़ महीने में 11वीं बार लगे भूकंप के झटके, बड़े खतरे का संकेत

June 4th, 2020

हाईलाइट

  • 12 अप्रैल से लगातार अंतराल में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आ रहे भूकंप
  • दिल्ली-एनसीआर भूकंप के लिहाज से प्रबल खतरे वाले जोन में

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को एक कम तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र दक्षिण पूर्व नोएडा था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NSC) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.2 मापी गई है, जो नोएडा के दक्षिण पूर्व में 19 किमी दूर रात 10.42 मिनट पर आया था। हालांकि भूकंप के कारण अभी तक किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। बता दें कि दिल्ली और दिल्ली एनसीआर में पिछले डेढ़ महीने में 11 बार भूकंप के झटके लग चुके हैं। 

लगातार आ रहे भूकंप के पीछे विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वक्त में यह एनसीआर के लिए बड़े खतरे का संकेत है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बताया जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर में धरती के अंदर प्लेटों के एक्टिव होने से ऊर्जा निकल रही है, जिससे रह-रहकर झटके महसूस हो रहे हैं।

12 अप्रैल से लगातार अंतराल में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आ रहे भूकंप
NSC के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 12, 13 और 16 अप्रैल को भूकंप के झटके लग चुके हैं। इसी तरह मई में भी भूकंप के झटकों के लगने का सिलसिला जारी रहा। 6, 10, 15 मई और 28 मई को दिल्ली-फरीदाबाद एनसीआर में झटके लगे। इसके बाद 29 मई को दो बार झटके लगे, जिसका केंद्र रोहतक रहा। NSC के मुताबिक इस अवधि में राजस्थान में एक, उत्तराखंड में चार और हिमाचल प्रदेश में भी छह बार भूकंप के झटके लगे। हालांकि गनीमत रही कि ये झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.2 से लेकर 4.5 तक रही। इससे अधिक तीव्रता के झटके लगने पर नुकसान की आशंका रहती है।

दिल्ली-एनसीआर भूकंप के लिहाज से प्रबल खतरे वाले जोन में
बता दें कि भूकंप के लिहाज से 4 सिस्मिक जोन (2,3,4,5) में देश बंटा है। दिल्ली-एनसीआर जोन 4 में आता है। यह तबाही के मामले में दूसरे नंबर का जोन है। इस जोन में रिक्टर पैमाने पर सात से आठ तीव्रता का भूकंप आने की आशंका रहती है। दिल्ली-एनसीआर भूकंप के लिहाज से प्रबल खतरे वाले जोन हैं।

दिल्ली-NCR में तीन फॉल्ट लाइन
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में तीन फॉल्ट लाइन हैं। जहां फॉल्ट लाइन होती है, वहीं पर भूकंप का एपिसेंटर बनता है। दिल्ली-एनसीआर में जमीन के नीचे दिल्ली-मुरादाबाद फॉल्ट लाइन, मथुरा फॉल्ट लाइन और सोहना फॉल्ट लाइन हैं।

6 की तीव्रता वाला भूकंप भयानक होता है
भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप की असली वजह टेक्टोनिकल प्लेटों में तेज हलचल होती है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। इस स्केल पर 2.0 या 3.0 की तीव्रता का भूकंप हल्का होता है, जबकि 6 की तीव्रता का मतलब शक्तिशाली भूकंप होता है।