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India china dispute: पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो झील के पास LAC पर भारत-चीन के जवानों के बीच फायरिंग

India china dispute: पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो झील के पास LAC पर भारत-चीन के जवानों के बीच फायरिंग

हाईलाइट

  • PLA के वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रवक्ता के हवाले से झड़प का दावा
  • एलएसी पर दोनों देशों ने बढ़ाए सैनिक और हथियार

डिजिटल डेस्क, नई​ दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर तनाव कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएसी पर फायरिंग की खबर है। सोमवार देर रात चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भारतीय सैनिकों पर सीमा पार करने और गोलीबारी करने का आरोप लगाया है। दावा किया जा रहा है कि ताजा झड़प लद्दाख के पैंगोग त्सो झील के दक्षिणी छोर पर स्थित एक पहाड़ी पर हुई है। ये वही जगह है जहां पिछले तीन महीने से भारत और चीन के सैनिकों के बीच गहमागहमी बनी हुई है। दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे के सामने डटे हुए हैं।

भारत सरकार से जुड़े शीर्ष सूत्रों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। एलएसी के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है और दोनों ओर से सैन्य तथा कूटनीतिक स्तर पर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

PLA के वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रवक्ता के हवाले से झड़प का दावा
चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने चीनी सेना के वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रवक्ता के हवाले से पैंगोग सो के पास झड़प का दावा किया है। अखबार ने लिखा, 'भारतीय सेना ने पैंगोंग सो झील के दक्षिणी छोर के पास शेनपाओ की पहाड़ी पर एलएसी को पार किया। अखबार ने आगे लिखा है, 'भारतीय जवानों ने बातचीत की कोशिश कर रहे पीएलए के बॉर्डर पट्रोल से जुड़े सैनिकों पर वार्निंग शॉट फायर किए जिसके बाद चीनी सैनिकों को हालात काबू में करने के लिए कदम उठाने पड़े।'

एलएसी पर दोनों देशों ने बढ़ाए सैनिक और हथियार
बता दें कि भारतीय और चीनी सेनाओं ने तनाव को कम करने के प्रयासों में पूर्वी लद्दाख में रविवार को एक और दौर की वार्ता की। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों द्वारा पिछले हफ्ते बनी टकराव की स्थिति के बाद अतिरिक्त सैनिकों तथा हथियारों को पहुंचाने के कारण स्थिति नाजुक बनी हुई है। चीन की घुसपैठ की कोशिश के मद्देनजर भारत ने अतिरिक्त जवानों को भेजा है और संवेदनशील इलाकों में हथियारों की तैनाती की है। चीन द्वारा पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर यथास्थिति बदलने की कोशिश के मद्देनजर भारत ने इलाके में अपनी सैन्य उपस्थिति और बढ़ा दी है।

ब्रिगेड स्तर की बैठक रही बैनतीजा
चुशूल के पास करीब चार घंटे तक चली ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत में कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना उच्च स्तर की सतर्कता बरत रही है और इलाके में किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है। सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र में हालात नाजुक बने हुए हैं।

29 और 30 अगस्त को हुई थी झड़प
गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख स्थित पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर स्थित भारतीय इलाके पर कब्जे के लिए चीन द्वारा 29 अगस्त और 30 अगस्त को की गई असफल कोशिश के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। भारत ने पैंगोंग झील के दक्षिण में रणनीतिक रूप से अहम कई ऊंचाई वाले स्थानों पर मुस्तैदी बढ़ा दी है।

अहम चोटी पर भारतीय जवानों ने किया था कब्जा
चीन की नापाक हरकतों को जवाब देते हुए कुछ दिन पहले ही भारतीय सैनिकों ने पैंगोंग सो झील के दक्षिणी किनारे की एक अहम चोटी पर कब्जा किया था और घुसपैठ की कोशिश कर रहे पीएलए के जवानों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। गौरतलब है कि लद्दाख में ही एलएसी पर जून में चीनी सैनिकों के साथ हुए संघर्ष में एक कमांडिंग ऑफिसर समेत 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे। हालांकि पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के कितने जवान इस झड़प में हताहत हुए थे, इसकी जानकारी चीन की ओर से नहीं दी गई थी।

चीनी समकक्ष के साथ बैठक कर चुके हैं राजनाथ
आपको बता दें कि पिछले तीन महीनों से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद सुलझाने को लेकर बातचीत जारी है।सीमा पर जारी तनाव को कम करने के लिए दोनों देश राजनयिक और सैन्य माध्यमों से लगातार संपर्क में हैं। हालांकि अब तक हुई बातचीत से सीमा विवाद का कोई समाधान नहीं निकला है। तनाव कम करने के लिए रूस के मॉस्को में पिछले शुक्रवार को रक्षी मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी समकक्ष वेई फेंघे के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की थी। यह बैठक 2 घंटे से ज्यादा चली थी। वहीं इसी मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच मॉस्को के बैठक होने की संभावना भी जताई जी रही है।

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samir sardana September 12th, 2020 07:31 IST

There is something that the Pakistanis and the PLA, need to note about the Indians and the Hindoos.dindooohindoo Pakistan A long time ago the Sakas (from Pakistan) attacked an Indian Weasel called Rama Gupta.What did this rat,Rama Gupta do ? The limpet bania went to war,with the Sakas - and they trapped him,and captured the limpet.Then what did the bania do ? The Sakas asked for the bania's wife,as security - and the bania,sent his wife,to the Sakas (just like Lord Rama,told Sita,to prostitute herself). Rana Gupta did the same as "Rama" did,1000 years before him - in pimping his wife,Seeta to apes, DEMONS and his OWN BROTHERS ! Yuddha Kandam Chapter [Sarga] 115 तदद्य व्याहृतं भद्रे मयैतत् कृतबुद्धिना | लक्ष्मणे वाथ भरते कुरु बुद्धिं यथासुखम् || ६-११५-२२ “O gracious lady! Therefore, this has been spoken by me today, with a resolved mind. Set you mind on Lakshmana or Bharata, as per your ease.” įatrughne vätha sugréve räkņase vä vibhéņaëe | niveįaya manaų séte yathä vä sukhamätmanaų || 6-115-23 “O Seetha! Otherwise, set your mind either on Shatrughna or on Sugreeva or on Vibhishana the demon; or according to your own comfort.” Then the historians make us believe,that the brother of the bania,went dressed as the wife of Ramagupta, went to the Sakas,and rescued the wife of Ramagupta, and killed the Saka king !? A similar story happened with Padmini. And then what could be the next step ? Then the brother of the limpet Ramagupta,killed Ramagupta and married the wife of Ramagupta ! It is said that the wife,of Ramagupta,was earlier,meant to marry the other brother ! This is the saga of the Indian Martial History,and it is these banias,who are ruling India today.How can Pakistan lose to these weasels ? Selling wives and daughters, to save the lives and kingdoms of Hindu Kings,is an ancient Indian Tradition. PLA This is 2020 This is not the time of Ranjit Singh,who used foreign mercenaries (French and Americans) in his army Or the Nandas who had EU and Persian Mercenaries,in their army A pitiable nation like Hindoosthan uses Nepali and Tibetan midgets,in their army,to fight the PLA Mongols ! What must be the pathetic state of the Hindoo Martial Ethos ? I will explain.The pathetos is that the Hindu King of Kashmir BESEECHED the Tang Dynasty, and stated that he was a vassal of the Chinese,and implored the Chinese to assist him to FIGHT the Arabs and the Tibetan Kings.This is recorded in the Book of Tang,Xing Tang Shu.It is due to the Tangs,that the Arabs were repulsed,and the Tibetan kings were forced to flee Ladakh,and other parts of North India. And today,the Indian Army is using the Tibetan REFUGEES,to fight the PLA ! Y did the Tangs support the Hindu King ? The Arabs and the Tibetans were no threat to the Tangs ? Net Result - The Tangs were also destroyed a few decades later. The Tangs supported a culture,which XTERMINATED Buddhists and Buddhism - and hence,deserved divine redress. If the Tangs had abstained,there would have been no India today and Kashmir would not have been under the sadistic rule of despotic Hindu Rulers. And then,let us come to the Goo-r-khas ! The word Goo-r-kha,comes from a Himalayan field mouse (Apodemus gurkha) https://en.wikipedia.org/wiki/Himalayan_field_mouse I rest my case

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।