comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कोरोना काल में छठीं बार मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे पीएम मोदी, तय होगी आगे की रणनीति

June 12th, 2020 23:00 IST
 कोरोना काल में छठीं बार मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे पीएम मोदी, तय होगी आगे की रणनीति

हाईलाइट

  • कोरोना काल में छठीं बार मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे पीएम मोदी, तय होगी आगे की रणनीति

नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। देश में कोरोना से चल रही जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर मुख्यमंत्रियों से मुखातिब होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 और 17 जून को मुख्यमंत्रियों से जहां राज्यों के हालात के बारे में जानकारी लेंगे, वहीं आगे के लिए सुझाव भी मांगेंगे। कोरोना काल में यह छठां मौका होगा, जब वह मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रूबरू होंगे। अनलॉक वन की समीक्षा इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य तौर पर होगी। पीएमओ सूत्रों का कहना है कि दो दिनों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुख्यमंत्रियों की ओर से आए सुझावों के बाद केंद्र सरकार आगे की रणनीति तय करेगी।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए राज्यों को दो ग्रुपों में बांटा गया है। पहले दिन 16 जून की वीडियो कांफ्रेंसिंग में कुल 21 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। तीन बजे होने वाली इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में पंजाब, असम, केरल, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, गोवा, मणिपुर, नागालैंड, लद्दाख, पुदुचेरी, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, अंडमान निकोबार दीप समूह, दादर नगर हवेली, सिक्किम, लक्षद्वीप का नाम शुमार हैं। वहीं अगले दिन 17 जून को तीन बजे महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, बिहार, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे।

बता दें कि कोरोना काल में सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 20 मार्च को मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से मीटिंग की थी। हालांकि, तब लॉकडाउन नहीं लगा था। इसके बाद उन्होंने दो अप्रैल, फिर 11 अप्रैल और 27 अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंसिंग की थी। वहीं बाद में 11 मई को पांचवीं बार वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुख्यमंत्रियों से कोरोना वायरस को रोकने से जुड़ीं तैयारियों पर चर्चा की थी। अब एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्रियों से अनलॉक 1 के बारे में फीडबैक लेने के साथ आगे की रणनीति तय करने के मकसद से वीडियो कांफ्रेंसिंग से मीटिंग करने जा रहे हैं।

कमेंट करें
J7E6r
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।