दैनिक भास्कर हिंदी: जम्मू-कश्मीरः श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम में लगे आजादी के नारे

March 11th, 2018

डिजिटल डेस्क, कश्मीर। श्री श्री रविशंकर के कश्मीर में आयोजित एक कार्यक्रम में भाषण देने के दौरान कुछ लोगों ने आजादी के नारे लगा दिए। बता दें कि कश्मीर में पैगाम-ए-मोहब्बत नाम का कार्यक्रम रखा था, लेकिन जनता आजादी के नारे लगाकर चली गई। रविशंकर के भाषण शुरू करने के मिनटों भीतर जनता वहां से जाने लगी और उन्हें मजबूरन अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा। विश्व प्रसिद्ध डल झील के किनारे स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) के लॉन में कड़ी सुरक्षा के बीच पैगाम-ए-मोहब्बत कार्यक्रम आयोजित था।

 

इसका मकसद कश्मीर घाटी के लोगों खासकर युवाओं से जुड़ना और अमन शांति के लिए एक नई शुरुआत करना था। यह कार्यक्रम दोपहर 2:20 बजे शुरू हुआ। 2:40 बजे रविशंकर ने कश्मीरी भाषा में लोगों से बात की। पूछा कि क्या आप सब ठीक हो। श्री श्री रविशंकर ने कहा कि मोहब्बत फैलाना हर एक का फर्ज है। यहां के लोगों की दर्द और पीड़ा देखी है। 

स्थानीय मीडिया के मुताबिक एक शख्स ने गुस्से में कहा- "हमें बताया गया था कि वहां पर पाकिस्तानी राजनायिक हैं, यह आयोजकों द्वारा एक धोखा देने वाला काम था।” इस मामले की सच्चाई सामने आने के बाद लोगों ने नारे लगाए और आयोजकों की धोखाधड़ी के बारे में बात की। रविशंकर ने बताया कि उन्हें पैगाम-ए-मोहब्बत कार्यक्रम में बोलने के लिए कुछ अच्छे लोगों ने आमंत्रित किया था।  

कार्यक्रम के दौरान श्री श्री रविशंकर ने कहा कि "कुछ अच्छे लोग कश्मीर की समस्याएं सुलझाने के लिए चुपचाप काम कर रहे थे और उनकी वर्तमान यात्रा गैर राजनीतिक मानवीय पहल का हिस्सा थी। इसी बीच कुछ लोग खड़े हो गए और उन्होंने आजादी के नारे लगाने शुरू कर दिए। श्री श्री रविशंकर को बीच में ही अपना भाषण रोकना पड़ा। बता दें कि हाल ही श्री श्री रविशंकर के खिलाफ तेलंगाना पुलिस ने कथित तौर पर मुस्लिमों की भावनाएं भड़काने के आरोपों में मामला दर्ज किया है।


हाल ही में श्री श्री रविशंकर ने एक टीबी डिबेट में कहा था कि अगर अयोध्या में राम मंदिर बनाने में किसी प्रकार की भी देरी की गई तो देश में सीरिया जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। अयोध्या मुस्लिमों का धार्मिक स्थल नहीं है। मुस्लिमों को इस पर अपना दावा छोड़ कर नजीर पेश करनी चाहिए। इस पर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने भी उन पर निशाना साधा था। श्री श्री रविशंकर ने बाद में अपने बयान पर सफाई पेश की थी और कहा था कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।