दैनिक भास्कर हिंदी: इसरो जल्द लॉन्च करेगा सैटेलाइट जीसैट-11, देश को मिलेगी इंटरनेट की हाई स्पीड

January 8th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इसरो बहुत जल्द देश का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-11 लॉन्च करेगा। इसके सफल प्रक्षेपण से भारत में इंटरनेट और टेलिकॉम सर्विस में काफी परिवर्तन आएगा, जिससे डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती मिलेगी। सैटेलाइट जीसैट-11 का वजन 5.6 टन है और ये 500 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। इसे यूरोपीय अन्तरिक्ष एजेंसी के रॉकेट एरियन-5 के साथ साउथ अमेरिका के फ्रेंच गुएना स्थित कौरू प्रक्षेपण स्थल से लॉन्च किया जाएगा। हालांकि, भारत के पास चार टन से ज्यादा वजनी सैटेलाइट भेजने की क्षमता रखने वाले रॉकेट नहीं हैं। इसलिए भारत इसे साउथ अमेरिकी आइलैंड फ्रेंच गुयाना से एरियन-5 रॉकेट के जरिए लॉन्च करेगा। सैटेलाइट की कामयाब लॉन्चिंग से भारत के पास खुद का सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट होगा। सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट से हाई स्पीड कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी।

क्या है जीसैट-11?

जीसैट-11 को जनवरी 2018 में लॉन्च किया जाना है। इसकी कुल लागत 1117 करोड़ रुपए है। इसका वजन 5.6 टन है। यह सैटेलाइट जीसैट-19 से भी ज्यादा ताकतवर है। इससे पूरे भारत में 13 जीबी/सेकंड की इंटरनेट स्पीड मिलेगी। पहली बार भारत को अपना सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट मिलेगा।

क्या है खासियत?

जीसैट-11 काफी बड़ा सैटेलाइट है, जिसके प्रत्येक सौर पैनल 4 मीटर से भी बड़े हैं और यह 11 किलोवाट ऊर्जा का उत्पादन करेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इस उपग्रह को जनवरी के अंत तक लॉन्च कर लिया जाएगा। इसके सफल प्रक्षेपण के बाद भारत का खुद का इन्टरनेट प्रदाता उपग्रह हो जाएगा, जिससे भारत के गांवों और शहरों में इन्टरनेट की स्पीड काफी बढ़ जाएगी। इसरो अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने कहा कि, 'इसरो देश को नयी क्षमता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है, उपग्रह आधारित इन्टरनेट उसका केवल एक संकेत भर है। हमें डिजिटल इंडिया के नजरिये से ग्राम पंचायत, तालुका और सुरक्षा बलों को जोड़ने की जरुरत है।'

सैटेलाइट सीरीज का हिस्सा

जीसैट-11 सैटेलाइट इसरो के इंटरनेट बेस्ड सैटेलाइट सीरीज का हिस्सा है। इसका मकसद इंटरनेट स्पीड को बढ़ाना है। इस मिशन के तहत अंतरिक्ष में 18 महीने में तीन सैटेलाइट भेजे जाने हैं। पहला सैटेलाइट जीसैट-19 जून 2017 में भेजा गया था। जीसैट-11 को इसी महीने भेजा जाएगा। तीसरा सैटेलाइट जीसैट-20 को साल के आखिर तक भेजने की योजना है।

इंटरनेट स्पीड बढ़ाना है मकसद 

जीसैट-11 इसरो के इंटरनेट बेस्ड सैटेलाइट सीरीज का हिस्सा है, जिसका मकसद इंटरनेट स्पीड को बढ़ाना है। हाईइंटरनेट स्पीड के लिए जीसैट-11 से बेहतर इंटरनेट स्पीड मिलेगी। कनेक्टिवटी सस्ती होगी और पूरे देश में इसका एक्सेस मिल सकेगा। साथ ही इसके तहत बिना डिश लगाए टीवी प्रोग्राम देखे जा सकेंगे। जीसैट-11 से 70 जीबी/सेकंड की हाईस्पीड मिलेगी। साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और इससे एक नया सुरक्षा कवच मिलेगा। भारत का बैंकिंग सिस्टम भी मजबूत होगा। इसके तहत अंतरिक्ष में 18 महीने में तीन सैटेलाइट भेजे जाने हैं। जिसमें से पहला सैटेलाइट जीसैट-19 जून, 2017 में भेजा जा चुका है और तीसरा सैटेलाइट जीसैट-20 को इस साल के आखिरी में लॉन्च किया जा सकता है।