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जम्मू-कश्मीर: सोपोर में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर को किया ढेर

जम्मू-कश्मीर: सोपोर में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर को किया ढेर

हाईलाइट

  • जम्मू-कश्मीर के बारामूला के सोपोर में बुधवार को हुई मुठभेड़
  • सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर सजाद डार को मार गिराया

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में बुधवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। बारामूला जिले के सोपोर इलाके में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक कमांडर को मार गिराया। मारे गए आतंकी की पहचान सजाद नवाब डार के रूप में हुई। आतंकी के पास से कई सारे हथियार भी बरामद किए गए हैं।

डीआईजी नॉर्थ कश्मीर रेंज सुलेमान चौधरी ने बताया, सोपोर के गुलाबाद इलाके में आतंकवादियों के छिपे होने की विशेष जानकारी मिली थी। जिसके बाद बुधवार सुबह 22 राष्ट्रीय राइफल्स, सोपोर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। करीब चार आतंकियों को सुरक्षाबलों ने घेर लिया था, जिसके बाद आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी ढेर हो गया।

सुरक्षाबलों ने गर्भवती महिला को सुरक्षित निकाला
बता दें कि, जिस वक्त दोनों ओर से फायरिंग जारी थी, उस वक्त सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से एक गर्भवती महिला को भी सुरक्षित निकाला। जिसके बाद गर्भवती महिला और उसकी तीमारदार महिला, दोनों को अस्पताल ले जाया गया।

जम्मू-कश्मीर: सोपोर में मुठभेड़ के बीच सुरक्षाबलों ने गर्भवती महिला को सुरक्षित निकाला

बिजबेहरा शहर में CRPF का जवान शहीद
इससे पहले मंगलवार को जम्मू -कश्मीर के बिजबेहरा शहर में आतंकवादियों की ओर से की गई गोलीबारी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक जवान शहीद हो गया था। पुलिस सूत्रों ने कहा, आतंकवादियों ने बिजबेहरा शहर में CRPF की टीम पर फायरिंग कर दी। मुठभेड़ में घायल हुए एक जवान को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जवान को पास के अनंतनाग शहर में रेफर कर दिया, जहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने जवान को मृत घोषित कर दिया।

दो दिन में 6 जवान शहीद
बता दें कि बीते दो दिन में आतंकवादियों से मुठभेड़ में सेना के 6 जवान शहीद हो चुके हैं। इससे पहले उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में रविवार को सेना के जवानों ने मुठभेड़ में पांच आतंकियों को ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ में 5 जवान भी शहीद हो गए थे। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।