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झाबुआ उपचुनाव में जीत से मजबूत हुई कमलनाथ सरकार

October 24th, 2019 19:30 IST
 झाबुआ उपचुनाव में जीत से मजबूत हुई कमलनाथ सरकार

हाईलाइट

  • झाबुआ उपचुनाव में जीत से मजबूत हुई कमलनाथ सरकार

भोपाल, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के झाबुआ विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव ने कमलनाथ सरकार की सेहत को पहले के मुकाबले और दुरुस्त करने का काम किया है, क्योंकि बहुमत के आंकड़े से दो अंक दूर चल रही इस सरकार का इस उपचुनाव से एक अंक और बढ़ गया है। अब सरकार पूर्ण बहुमत से सिर्फ एक सीट पीछे रह गई है। वहीं इस चुनाव से सरकार का मनोबल बढ़ा है।

राज्य की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत नहीं है और बाहरी समर्थन से यह सरकार चल रही है। झाबुआ उपचुनाव से पहले कांग्रेस के 114 विधायक थे, जो अब बढ़कर 115 हो गए हैं। यानी पूर्ण बहुमत से एक सीट कम। वहीं भाजपा के 108 विधायक हैं, जो विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से एक कम हो गए हैं। कांग्रेस को बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है। इस तरह सरकार के पास अब 122 विधायकों का समर्थन हो जाएगा।

झाबुआ विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव शुरुआत से ही कमलनाथ बनाम शिवराज सिंह चौहान के तौर प्रचारित किया जा रहा था। इस चुनाव में दोनों ही नेताओं ने अपनी ताकत झोंकने में कोई कसर नहीं छोड़ी। चुनाव से पहले कहा यही जा रहा था कि यह चुनाव कमलनाथ सरकार के 10 माह और शिवराज सरकार के 13 साल के बीच है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह से लेकर स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री चौहान तक ने हर जगह अपनी सरकार के कामकाज को गिनाया था और कमलनाथ सरकार को वादा खिलाफी की सरकार करार दिया था।

दूसरी ओर कांग्रेस ने पूरे चुनाव को किसान कर्जमाफी, आदिवासियों के पक्ष में लिए गए फैसले और बेरोजगार युवाओं की योजनाओं के इर्द गिर्द ही लड़ा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वयं कहा था कि झाबुआ में नाम के वास्ते तो भूरिया चुनाव मैदान में हैं और काम के वास्ते कमलनाथ चुनाव लड़ रहे हैं।

झाबुआ में मिली जीत पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, झाबुआ ही नहीं, महाराष्ट्र और हरियाणा के जो नतीजे सामने आए हैं, वे बताते हैं कि देश की जनता को भाजपा ने निराश किया है। यही कारण है कि लोकसभा चुनाव में जनता के मिले समर्थन से अलग है यह चुनाव।

भाजपा ने अपनी झाबुआ में हार स्वीकर कर ली है। प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह का कहना है, जनता में कमलनाथ सरकार के खिलाफ गुस्सा है, उपचुनाव में भी गुस्सा देखने को मिला। मगर सरकार की विफलताओं को हम जनता तक क्यों नही पहुंचा सके, इसकी समीक्षा करेंगे।

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