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कोविड-19: केरल के इस जिले में मास्क नहीं पहना तो 5000 रुपये का जुर्माना, ऐसे काम पर होगी जेल

कोविड-19: केरल के इस जिले में मास्क नहीं पहना तो 5000 रुपये का जुर्माना, ऐसे काम पर होगी जेल

हाईलाइट

  • वायनाड में अब तक कोरोना के एक भी मामले नहीं
  • सार्वजनिक स्थलों पर बिना मास्क लगाए लोगों पर कार्रवाई

डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए सुरक्षा और सावधानी बरतना अति आवश्यक हो गया हैं। इसी के मद्देनजर केरल के वायनाड जिले में मास्क से लेकर संक्रमण के खिलाफ तमाम एहतियातों को न अपनाने वाले लोगों के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। कोरोना फ्री वायनाड में अगर कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर बिना मास्क पहने पाया जाएगा तो उसे पांच हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। इतना ही नहीं जिस भी दुकान में सेनिटाइजर या साबुन उपलब्ध नहीं होगा उस दुकानदार से भी जुर्माना वसूला जाएगा। 

मास्क नहीं पहना तो जुर्माना, कोर्ट में दोषी पाए जाने पर जेल
वायनाड जिले के पुलिस अधीक्षक आर. इलांगो ने घोषणा की है कि, सार्वजनिक स्थलों पर जो कोई भी व्यक्ति बिना मास्क लगाए पाया जाएगा, उस पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इलांगो ने कहा, यदि व्यक्ति इस मामले को लेकर कोर्ट तक जाता है और वहां दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम तीन साल जेल की सजा या फिर 10 हजार रुपए जुर्माना देना होगा। वहीं एक और दिशा-निर्देश जारी किया गया है, जिसके मुताबिक, जिस दुकान में हाथ धोने के लिए साबुन /या सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं रहेगा, उस दुकानदार पर 1000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।

गृह मंत्रालय: लॉकडाउन में फंसे मजदूरों-छात्रों को आने-जाने की छूट, नई गाइडलाइन जारी

राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र अब तक कोरोना फ्री
वायनाड जिला फिलहाल ग्रीन जोन में है। यहां अभी तक कोरोना के एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं पाए गए हैं। जिले के 842 लोग अपने घर में ही खास निगरानी में हैं और नौ संदिग्ध मरीज विभिन्न अस्पतालों में है। बता दें कि, वायनाड लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी करते हैं। राहुल ने मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र के कुछ लोगों से फोन पर बात की थी और उन्हें भरोसा दिलाया कि लॉकडाउन में छूट दिए जाने पर वह वायनाड आएंगे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।