comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कोविड-19: केरल के इस जिले में मास्क नहीं पहना तो 5000 रुपये का जुर्माना, ऐसे काम पर होगी जेल

कोविड-19: केरल के इस जिले में मास्क नहीं पहना तो 5000 रुपये का जुर्माना, ऐसे काम पर होगी जेल

हाईलाइट

  • वायनाड में अब तक कोरोना के एक भी मामले नहीं
  • सार्वजनिक स्थलों पर बिना मास्क लगाए लोगों पर कार्रवाई

डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए सुरक्षा और सावधानी बरतना अति आवश्यक हो गया हैं। इसी के मद्देनजर केरल के वायनाड जिले में मास्क से लेकर संक्रमण के खिलाफ तमाम एहतियातों को न अपनाने वाले लोगों के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। कोरोना फ्री वायनाड में अगर कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर बिना मास्क पहने पाया जाएगा तो उसे पांच हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। इतना ही नहीं जिस भी दुकान में सेनिटाइजर या साबुन उपलब्ध नहीं होगा उस दुकानदार से भी जुर्माना वसूला जाएगा। 

मास्क नहीं पहना तो जुर्माना, कोर्ट में दोषी पाए जाने पर जेल
वायनाड जिले के पुलिस अधीक्षक आर. इलांगो ने घोषणा की है कि, सार्वजनिक स्थलों पर जो कोई भी व्यक्ति बिना मास्क लगाए पाया जाएगा, उस पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इलांगो ने कहा, यदि व्यक्ति इस मामले को लेकर कोर्ट तक जाता है और वहां दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम तीन साल जेल की सजा या फिर 10 हजार रुपए जुर्माना देना होगा। वहीं एक और दिशा-निर्देश जारी किया गया है, जिसके मुताबिक, जिस दुकान में हाथ धोने के लिए साबुन /या सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं रहेगा, उस दुकानदार पर 1000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।

गृह मंत्रालय: लॉकडाउन में फंसे मजदूरों-छात्रों को आने-जाने की छूट, नई गाइडलाइन जारी

राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र अब तक कोरोना फ्री
वायनाड जिला फिलहाल ग्रीन जोन में है। यहां अभी तक कोरोना के एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं पाए गए हैं। जिले के 842 लोग अपने घर में ही खास निगरानी में हैं और नौ संदिग्ध मरीज विभिन्न अस्पतालों में है। बता दें कि, वायनाड लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी करते हैं। राहुल ने मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र के कुछ लोगों से फोन पर बात की थी और उन्हें भरोसा दिलाया कि लॉकडाउन में छूट दिए जाने पर वह वायनाड आएंगे।

कमेंट करें
Q1xOn
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।