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Lockdown India: मरकज से लौटे 93 लोग कोरोना सं​क्रमित, देशभर में 740 लोगों की पहचान, केंद्र सरकार ने बैन किए टूरिस्ट वीजा

Lockdown India: मरकज से लौटे 93 लोग कोरोना सं​क्रमित, देशभर में 740 लोगों की पहचान, केंद्र सरकार ने बैन किए टूरिस्ट वीजा

हाईलाइट

  • जनता कर्फ्यू और उसके बाद भी तबलीगी जमात मुख्यालय में बेतहाशा भीड़ मौजूद थी
  • केंद्र सरकार ने टूरिस्ट वीजा किया बैन
  • मरकज से 1 हजार 548 लोगों को निकाला गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज में कोरोना संक्रमितों के मिलने से पूरे देश में सनसनी मची हुई है। मरकज से लौटे लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यहां से लौटे अब तक 93 लोग कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं। अब ऐसे में राज्य सरकारें यहां पहुंचे लोगों की तलाश कर रही है। ताकि उन्हें क्वारैंटाइन किया जा सके और कोरोना वायरस को देश में फैलने से रौका जा सके। बता दें कि यहां मरकज में 21 मार्च तक 1746 लोग ठहरे थे। इनमें 216 विदेश और 1530 भारतीय शामिल हैं। दिल्ली सरकार ने यहां के मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं इस सबके बीच केंद्र सरकार ने अब तब्लीगी जमात पर वीजा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए टूरिस्ट वीजा पर बैन लगा दिया है। इसके लिए राज्य सरकारों को सभी विदेश से आने वालों के पासपोर्ट की जांच करने के आदेश दे दिए गए हैं।

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि 21 मार्च तक हजरत निजामुद्दीन मरकज में 1 हजार 746 लोग ठहरे हुए थे। इनमें 216 विदेशी और 1530 भारतीय थे। मरकज के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में 824 विदेशी 21 मार्च तक तब्लीगी गतिविधियों में शामिल थे। राज्यों की पुलिस को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद 824 विदेशियों की जानकारी दी गई थी, ताकि सभी की मेडिकल स्क्रीनिंग और क्वारैंटाइन के इंतजाम किए जा सकें। 28 मार्च को सभी राज्यों को भारतीय तब्लीगी जमात के लोगों की जानकारी इकठ्ठा करने की सलाह दी गई थी, ताकि उन्हें जांच के बाद क्वारैंटाइन किया जाए।

93 लोग हो चुके हैं कोरोना से पीड़ित
बता दें कि अब तक दिल्ली से लौटे 93 लोग कोरोना से पीड़ित पाए गए हैं। इनमें से तमिलनाडु के 45, अंडमान के 9, मरकज के 15 और दिल्ली के 24 लोगों की कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं 303 ऐसे लोग हैं, जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश से 4 और केस सामने आए हैं जिनकी ट्रैवल हिस्ट्री मरकज की रही है। ये सभी कोरोना पॉजिटिव रहे हैं। वहीं विशाखापट्नम में ही 21 केस सामने आए हैं। सरकार ने अब तक 740 लोगों की पहचान की है जो तबलीगी जमात के मरकज में हिस्सा लिए थे।

जनता कर्फ्यू और उसके बाद भी तबलीगी जमात मुख्यालय में बेतहाशा भीड़ मौजूद थी
सूत्रों की मानें तो जमात मुख्यालय में एक साथ 10 से 15 हजार की भीड़ जमा हो सकती है। मार्च 7 से 10 के बीच में 5 से 8 हजार तक की भीड़ की मौजूदगी की बातें निकल कर सामने आ रही हैं। इसी तरह 13 मार्च से 18 मार्च तक एक अनुमान के मुताबिक, रातों में भी यहां छोटी-मोटी बैठकों का दौर चला। जिनमें 3 से 5 हजार लोगों की भीड़ मौजूद होने की खबरें दिल्ली पुलिस स्पेशल ब्रांच को मिलती रही थीं। लोकल थाना बार बार इस भीड़ को तितर बितर करने का आग्रह जमात के कर्ताधर्ताओं से करता रहा। इसके बाद भी मगर कुछ नहीं किया गया। इतनी बड़ी तादाद में भीड़ की मौजूदगी के बारे में मंगलवार को जब आईएएनएस ने जमात प्रवक्ता डॉ. मो. शोएब अली से पूछा तो उन्होंने कहा कि जमात है तो भीड़ होना लाजिमी है। यहां 10 हजार तक लोग एक साथ आ सकते हैं। 

केंद्र सरकार ने टूरिस्ट वीजा किया बैन
टूरिस्ट वीजा लेकर धर्म का प्रचार करने में फंसी तब्लीगी जमात, गृहमंत्रालय हुआ सख्तनिजामुद्दीन मरकज में हुए मजहबी जलसे में शामिल हुए कुछ लोगों की कोरोना वायरस से मौत और कई के संक्रमित होने के बाद अचानक से तबलीगी जमात सुर्खियों में आ गया है। इसी के साथ जमात के लिए विदेश से आने वालों की एक चालबाजी भी पकड़ी गई है। निजामुद्दीन केस के बाद यह सामने आया है कि विदेश से जलसों में आने वाले तमाम जमाती टूरिस्ट वीजा पर भारत आते हैं और यहां मजहबी गतिविधियों में हिस्सा लेते थे। अब सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए तय किया है कि तबलगी गतिविधियों के लिए विदेश से आने वालों को आगे से टूरिस्ट वीजा जारी नहीं किया जाएगा।

मरकज से 1 हजार 548 लोगों को निकाला गया
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- अब तक 1 हजार 548 लोगों को निजामुद्दीन मरकज से बाहर निकला गया है। उनमें से 441 लोगों को बुखार और खांसी जैसे लक्षण मिलने पर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मरकज के 1 हजार 107 लोगों में लक्षण नहीं मिले हैं, इसलिए इन्हें क्वारैंटाइन में रखा गया है। हमने निजामुद्दीन मरकज मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए उप-राज्यपाल को पत्र लिखा है। उम्मीद है कि वह जल्द ही आदेश देंगे। अगर किसी अधिकारी की ओर से कोई लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

मध्यप्रदेश: 107 लोग शामिल हुए थे, 31 की भोपाल में पहचान
मध्यप्रदेश से इस मरकज में 107 लोग शामिल हुए थे, इनमें से 36 पुराने भोपाल के रहने वाले हैं। यहां से लौटीं 50 जमातें भोपाल में रुकी थीं। स्वास्थ्य विभाग मरकज में शामिल हुए 31 लोगों के सैंपल ले चुकी है और उन्हें क्वारैंटाइन कर दिया गया है। ये सभी मंगलवार को भोपाल की तीत मस्जिदों में मिले हैं। राज्य सरकार ने जमातों को ढूंढने की जिम्मेदारी गृह विभाग को सौंपी है। सीएम शिवराज ने 100 लोगों को क्वारैंटाइन करने के निर्देश दिए। 

उत्तर प्रदेश: 95% लोग ट्रेस किए गए
यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि दिल्ली में हुई तब्लीगी में शामिल होने वाले 157 लोगों में से 95% लोग ट्रेस हो चुके हैं। इसके लिए स्पेशल टीम गठित की गई थी। 19 जिलों को अलर्ट किया गया है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली स्थित निजामुद्दीन मस्जिद में मरकज में शामिल हुए जमातियों को खोजकर क्वारैंटाइन करने का निर्देश दिया है।

राजस्थान: सरकार चुप, लेकिन तैयारियां शुरू
राजस्थान से कितने लोग मरकज में शामिल हुए थे इसकी संख्या नहीं मिल पाई। सरकार की तरफ से भी अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। सरकार के सूत्रों ने बताया कि उन जिलों की लिस्ट मंगाई जा रही है, जहां से लोग मरकज में शामिल हुए थे। प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि मरकज में शामिल लोगों का पता करे।

हैदराबाद के 186 लोग, आंध्र से सैकड़ों शामिल
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि इस धार्मिक सम्मेल में भाग ले चुके ज्यादातर लोगों में संक्रमण के लक्षण मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, मरकज में शामिल होने वालों में  हैदराबाद के 186 लोग शामिल हैं। इनमें आदिलाबाद के 10, निजामाबाद के 18, मेदक के 26, रंगारेड्डी के 15, महबूबनगर के 25, नलगोंडा के 21, खम्मम के 15, वरंगल के 25, करीमनगर के 17, भैंसा के 11 और निर्मल के 11 लोग शामिल हैं जबकि आंध्र प्रदेश के भी सैकड़ों लोग इस आयोजन का हिस्सा बने थे।

20 राज्यों में संक्रमण का खतरा
मरकज में 1 से 15 मार्च के बीच हुए कार्यक्रम में देश-विदेश के 5 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। लेकिन, इसके बाद भी करीब 2000 लोग यहां रुके रहे जबकि ज्यादातंर लॉकडाउन से पहले अपने घरों को लौट गए। तेलंगाना में इस कार्यक्रम में शामिल होकर लौटे सबसे ज्यादा छह लोगों की मौत हुई है। यहां से संक्रमण का कनेक्शन दिल्ली समेत 20 राज्यों से जुड़ रहा है। इनमें तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, असम, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, कर्नाटक, अंडमान निकोबार, आंध्रप्रदेश, श्रीनगर, दिल्ली, ओडिशा, प. बंगाल, हिमाचल, राजस्थान, गुजरात, मेघालय, मणिपुर और छत्तीसगढ़ शामिल है।

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