दैनिक भास्कर हिंदी: पासपोर्ट पर कमल के फूल का विरोध, विदेश मंत्रालय ने कहा- सिक्योरिटी फीचर मजबूत करने का हिस्सा

December 13th, 2019

हाईलाइट

  • पासपोर्ट पर कमल का फूल छपने पर विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
  • रवीश कुमार ने कहा, सुरक्षा उपायों के कारण इसे छापा गया
  • बुधवार को कांग्रेस ने यह मामला लोकसभा में उठाया था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि नए सुरक्षा उपायों के कारण भारतीय पासपोर्ट पर कमल छप रहा था। इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) की गाइडलाइन्स के तहत ये बदलाव किया गया है। बता दें कमल भारतीय जनता पार्टी का प्रतीक भी है और इसी वजह से बुधवार को कांग्रेस ने यह मामला लोकसभा में उठाया था।

अपने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, 'यह प्रतीक हमारा राष्ट्रीय फूल है और नकली पासपोर्ट की पहचान करने के लिए सिक्यॉरिटी फीचर मजबूत करने का हिस्सा।' उन्होंने कहा कि अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों को भी रोटेशन में उपयोग किया जाएगा। कुमार ने कहा, 'अभी यह कमल है और फिर अगले महीने कुछ और होगा। ये भारत के राष्ट्रीय फूल या राष्ट्रीय पशु से जुड़े प्रतीक हैं।'

कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को कोझीकोड में वितरित किए जा रहे नए पासपोर्ट पर 'कमल के प्रतीक' की छपाई की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की थी। कोझिकोड में कमल के निशान वाले वाले पासपोर्ट बांटे जाने का मुद्दा कांग्रेस सांसद एम के राघवन ने लोकसभा के शून्यकाल में उठाया था। राघवन ने कहा था कि भारतीय पासपोर्ट पर कमल के चिन्ह का उपयोग करना सरकारी संस्थानों का भगवाकरण करने की कोशिश है।

बता दें कि नए पासपोर्ट नए कोड के साथ आते हैं और देश भर के सभी 36 पासपोर्ट कार्यालयों में उपयोग होने लगे हैं। नए पासपोर्ट को बेहतर गुणवत्ता वाले कागज पर प्रिंट किया जा रहा है। इसकी प्रिंटिंग नासिक में हो रही है। पुराने पासपोर्ट की तुलना में जहां दूसरे पेज के नीचे पासपोर्ट अधिकारी के हस्ताक्षर होते थे वो जगह अब खाली है। इसे रेक्टेंगल में छपे कमल से बदल दिया गया है। पासपोर्ट धारक का नाम और पता दर्ज करने के लिए अलग कॉलम नए पासपोर्ट से हटा दिया गया है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस साल जून में घोषणा की थी कि सरकार पासपोर्ट में एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर लेकर आएगी।

 

 

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