हाईकोर्ट में इन मजबूत दलीलों के बल पर आर्यन की रिहाई की राह हुई आसान!

What were the arguments that got Aryan bail
हाईकोर्ट में इन मजबूत दलीलों के बल पर आर्यन की रिहाई की राह हुई आसान!
आर्यन खान को बेल हाईकोर्ट में इन मजबूत दलीलों के बल पर आर्यन की रिहाई की राह हुई आसान!

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आर्यन खान को ड्रग्स केस में 25 दिन बाद जेल से जमानत मिल गई है। पिछले दिनों शाहरुख खान ने बेटे को बाहर निकालने के लिए वकीलों की एक फौज खड़ी कर दी थी। बता दें की आर्यन खान के लिए यह सफर इतना आसान नहीं था, इससे पहले उन्हें जमानत दिलाने में सतीश मानशिंदे के पैंतरे भी काम नहीं आए थे। अब हाईकोर्ट से आर्यन को राहत मिली है। इस बार देश के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने आर्यन के पक्ष में दलीले रखीं। इन वकीलों की लंबी चौड़ी और ठोस दलीलों ने ही आर्यन की मन्नत पूरी होे का रास्ता साफ किया है। 
क्या थी वह अहम दलीलें?

  • आर्यन खान के केस में वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में पेश की यह खास दलीलें
  •  रोहतगी ने कहा कि आर्यन के पास, से किसी भी प्रकार के ड्रग्स की कोई रिकवरी नहीं हुई है, ऐसे हालात में आर्यन को जेल में रखना गलत है।
  • आर्यन खान को कस्टडी में रखने की कोई भी पुख्ता वजह नहीं दी गई है।
  • रोहतगी ने दलीलों में यह भी कहा कि आर्यन खान यंग बॉय हैं उन्हें इस जेल में रखना सही नहीं है, इसके बजाय उन्हें सुधार गृह में रखना चाहिए। 
  • रोहतगी ने आर्टिएकल 22 को CRPC के सेक्शन 50 से ज्यादा महत्वपूर्ण बताते हुए आर्यन की गिरफ्तारी पर सवाल खड़े कर दिए। 
  • एनसीबी के पास आर्यन खान के चैट्स हैं, उसका पजेशन है और पर वह बता नहीं रहें है कि क्या रिकवर किया है और हमें केस गुमराह कर रहे हैं। 
  • अगर 65 B की बात करें तो कोर्ट में एनसीबी के इन सबूतों का कोई मूल्य नहीं है। 
  • एनसीबी ने फोन सीज नहीं किया पर रिमांड कॉपी में इसका जिक्र किया है। 
  • एनसीबी की दलील थी कि आर्यन बाहर निकलकर सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। रोहतगी की दलील ऐसे कोई सबूत अब तक एनसीबी पेश ही नहीं कर सकी। 


अमित देसाई ने दी यह दलीलें

  • आर्यन  खान के अरेस्ट मेमो से साफ पता चलता है कि एनसीबी के पास उनको गिरफ्तार करने के लिए कोई ठोस वजह नहीं थी।
  • जिस अपराध के लिए आर्यन को गिरफ्तार किया गया है, वह उसने किया ही नहीं है।
  • गिरफ्तारी के लिए एनसीबी ने व्हाट्सऐप चैट को कोर्ट के सबूत के तौर पर पेश किया है, जिसका केस से कोई लेना-देना नहीं है।
     

Created On :   28 Oct 2021 12:46 PM GMT

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