सेना के हथियारों में बड़ा घपला?: संसद की PAC ने जारी की 49वीं रिपोर्ट, गड़बड़ गोला-बारूद में 60 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमिटी (PAC) ने एक बड़े नुकसान का खुलासा किया है। उसने रक्षा मंत्रालय को फटकार लगाते हुए गड़बड़ गोला-बारूद के नुकसान को सबके सामने रखा है। कमिटी ने अपनी 49वीं रिपोर्ट (18वीं लोकसभा, 2026-27) में बताया कि ऑर्डनेंस फैक्ट्री बड़माल के माध्यम से सेना को ये गोला-बारूद न भेजते हुए नए माल की सप्लाई करने के लिए 62.10 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। साथ पीएसी ने आर्टिलरी गन्स को खरीदने में हुई देरी के लिए सेना के अभियान तैयारी पर बड़ा खतरा बताया है।
PAC की 5 सिफारिशें
इस रिपोर्ट में धनुष तोप जैसे स्वदेशी प्रोजेक्ट की उत्पादन समस्याओं पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसके लिए पीएसी ने पांच प्रमुख सिफारिशें की है, इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, स्किल डेवलपमेंट, बेहतर निर्णय प्रक्रिया और समयबद्ध उत्पादन को शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट में भारत के आत्मनिर्भर रक्षा लक्ष्यों को हासिल करने की असल चुनौतियों को उजागर करती है।
रक्षा मंत्रालय से की ये मांग
पीएसी गड़बड़ में हुए नुकसान को गंभीर बता रही है। इन खामियों से सिर्फ पैसों की बर्बादी है, साथ ही सेना के गोला-बारूद स्टॉक की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है। इसके अलावा इस रिपोर्ट में रक्षा मंत्रालय से मांग की गई है कि इसकी सप्लाई चेन को मजबूत SOPs और समयसीमा तय की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा नहीं हो सके।
पुरानी तोपों के सहारे सेना
पीएसी ने बताया कि मंत्रालय को सेना में शामिल करने वाली नई तोपों को खरीदने के लिए दो दशक लग गए। इस वजह से आर्मी में भारी कमी हुई है और पुरानी तोपों का इस्तेमाल अभी भी जारी है। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इन मारक क्षमता सीमित है। इसके अलावा समिति ने बताया कि MoD को स्टॉक की नियमित तौर पर देखरेख, कैपेबिलिट गैप्स की पहचान और उभरते खतरों को ध्यान में रखते हुए समय पर खरीदी करने के लिए एक मजबूत तंत्र बनाने की जरूरत है।
Created On :   23 July 2026 4:08 PM IST









