नीट पेपर लीक और प्रोटेस्ट: सपा नेताओं के सुर, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद ही होगी चर्चा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सीजेपी के प्रदर्शन और मांगों को लेकर सरकार टकराव बना हुआ है। इसमें तमाम विपक्षी दल भी शामिल हो गए है। विपक्षी दलों के विरोध के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी भी कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। लेकिन छात्रों की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने समाचार एजेंसियों से बात करते हुए कहा सरकार युवाओं की मांग को स्वीकार करें और मंत्री खुद स्वीकार कर रहे थे इसलिए परीक्षा दोबारा हुई।
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उन्होंने आगे कहा पेपर लीक कोई पहली बार नहीं हुए हैं लगातार भारत सरकार के अंदर और भारत सरकार और यूपी सरकार से में प्रतियोगिता चल रही है कि कौन ज्यादा पेपर लीक करवाएगा। अगर भारत सरकार पेपर लीक कराती है तो यूपी सरकार भी पेपर लीक कराती है अगर वहां पर डेढ़ सौ पेपर लीक हुए हैं तो यहां पर 20 पेपर लीक हो चुके हैं, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश ने कहा पेपर लीक हो नहीं रहे बल्कि कराए जा रहे हैं छात्रों को नौकरी न मिल जाए, आरक्षण का लाभ ना मिल पाएं। और जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे तब तक सदन में हम आवाज उठाते रहेंगे। जिन बच्चों की जान गई है उनके परिवारों की जो मांग है वो मानी जाए।
सपा सांसद इकरा हसन ने एएनआई से कहा 20 जुलाई को आंदोलन के मुख्य नेताओं को जब मिलने बुलाया गया तब उनके 4 घंटे वहां बर्बाद किए गए। एक बहुत महत्वपूर्ण दिन था। इतने लोग इकट्ठा थे? उन्होंने अपना मांग पत्र दिया बदले में ना कोई आश्वासन दिया ना कोई उत्तर दिया, किसी भी धरने या आंदोलन का नियम होता है कि खुले मंच पर कोई भी बात हो निर्णय भी उनके बीच में लिया जाता है।
सपा सांसद डिंपल यादव ने न्यूज एजेंसियों से कहा हम चाहते हैं कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे और साथ में हम ये भी चाहते हैं कि चर्चा हो उसके बाद क्योंकि हम चाहते हैं सरकार जवाब दे कि आखिकार राजधानी में इतनी हिंसा कैसे हुई ? इतनी हिंसा का प्रयोग आखिकार सरकार क्यों किया? सरकार तो मान रही है ना कि NEET की वजह से 20 आत्महत्या हुई हैं तो सरकार इसकी जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रही है।
Created On :   23 July 2026 5:01 PM IST








