राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: CCTV में कैद हुईं 70 संदिग्ध घटनाएं, कपड़ों और जूतों में नोट छिपाते दिखे कर्मचारी, SIT रिपोर्ट में हुए कई बड़े खुलासे

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को ट्रस्ट की बैठक हुई, जिसमें महासचिव चंपत राय और मेंबर अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूर कर लिया गया। इसके कुछ ही समय बाद मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की प्राइमरी रिपोर्ट भी सामने आई, जिसमें कई बड़े खुलासे हुए हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि 27 अप्रैल से लेकर 5 जून के बीच सीसीटीवी में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं कैद हुई हैं। इनमें पुलिस की ओर से अरेस्ट किए गए 8 आरोपी चढ़ावे में मिली नोटों की गड्डियों को अपने जूते और जेब में छिपाते हुए दिखाई दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार ऐसा केवल एक दिन नहीं बल्कि कई लगातार कई दिनों से हो रहा था।
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चोरी के लिए अनिल मिश्रा जिम्मेदार
एसआई ने अपने रिपोर्ट में ट्रस्ट के सदस्य रहे अनिल मिश्रा पर कई गंभीर आरोप लगाए। एसआईटी के मुताबिक तलाशी सिस्टम में लूपहोल्स के लिए अनिल मिश्रा ही जिम्मेदार हैं। वे ही वित्तीय मामलों और नकदी संकलन प्रबंधन की निगरानी कर रहे थे।
मिश्रा को तलाशी न किए जाने की जानकारी थी, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने इसे रोकने के लिए कोई प्रभावी दिशा-निर्देश जारी नहीं किए थे। कर्मचारियों की बायोमैट्रिक अटेंडेंस, उनकी तय यूनिफॉर्म, निजी सामान कमरे में ले जाने पर रोक, दानपेटियों, उनसे निकले पैसों-नोटों का रिकॉर्ड, डेली रिपोर्ट जैसी व्यवस्थाएं लागू करने ठोस कदम नहीं उठाए गए। सही निगरानी न होने की वजह से उनकी नियत बिगड़ी और उन्होंने कई दिनों तक चोरी को अंजाम दिया।
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सीसीटीवी फुटेज में यह सामने आया कि जिस जगह पर नोटों की गिनती होती थी, वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों ने नोटों गिड्डी और खुले नोट अपने जेब और मौजे में रखे। वहीं, एंट्री और एग्जिट गेट पर तलाशी न होने की वजह से उनका नकदी बाहर ले जाना आसान हो गया।
एसआईटी की जांच में इस तरह की गतिविधियां 70 बार दर्ज की गईं। सीसीटीवी में आरोपी कर्मचारी इशारों में एक-दूसरे केो सतर्क करते हुए दिखाई भी दिए। बता दें कि राममंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच के लिए यूपी सरकार ने SIT का गठन किया था। टीम ने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।
Created On :   7 July 2026 3:44 AM IST





