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2G केस को हाई कोर्ट में चुनौती देगी CBI, स्वामी ने कहा- फैसला पलटने की उम्मीद

December 21st, 2017 21:19 IST
2G केस को हाई कोर्ट में चुनौती देगी CBI, स्वामी ने कहा- फैसला पलटने की उम्मीद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूपीए-2 के कार्यकाल में हुए सबसे बड़े कथित 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में पटियाला हाउस कोर्ट की स्पेशल सीबीआई अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। इस स्कैम में मुख्य आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और डीएमके सांसद कनिमोझी समेत 25 आरोपियों को बरी कर दिया गया है।

अब सीबीआई इस मामले में विशेष अदालत के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती देगी। एजेंसी के प्रवक्ता के अभिषेक दयाल ने यह जानकारी दी है। सीबीआई ने कहा है कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में साक्ष्यों को उचित परिप्रेक्ष्य में नहीं लिया गया।

सुब्रमण्यन स्वामी को उम्मीद हाईकोर्ट में बदलेगा फैसला
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में फैसला आने के बाद स्वामी ने कहा कि वह फैसले से निराश नहीं हैं और सरकार को इस मामले में ऊपर की अदालत में अपील करना चाहिए।

इस फैसले पर राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा, 'पहले मैंने 2008 में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को सेंशन ऑफ प्रिवेंशन ऐक्ट के तहत ए राजा को आरोपी बनाने के लिए पत्र लिखा। उसके बाद मैंने निजी तौर पर 30 हजारी कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसके बाद जस्टिस सैनी को विशेष कोर्ट का जज बनाया गया। सीबीआई ने भी केस फाइल किया।' बता दें कि इस केस का श्रेय सुब्रमण्यन स्वामी को जाता है जिनकी जनहित याचिका पर ही मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। 

सुब्रमण्यन स्वामी ने सीबीआई की तरफ से जांच में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'सैनी ने फैसले के 18/12 पैराग्राफ में कहा है कि मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है कि सीबीआई के लोग क्या सिद्ध करना चाहते हैं।' अटॉर्नी जनरल पर सवाल उठाते हुए स्वामी ने कहा, 'हमारे अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने इस जजमेंट का स्वागत किया है। इन 3 साल में रोहतगी को मैंने कई पत्र लिखे। पहले वह टू-जी घोटाले के आरोपियों के वकील भी थे। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने काम नहीं किया क्योंकि ईमानदार अधिकारियों अशोक तिवारी जैसों को प्रताड़ित किया गया। डॉक्टर राजेश सिंह को 3 बार प्रवर्तन निदेशालय से निकाला गया। मैंने उनका केस लड़ा और उन्हें बहाल कराया।' 

 

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