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नियमित किए जाएंगे जिले के 16 हजार 695 अतिक्रमण,सभी को मकान देने की सरकार की है योजना

नियमित किए जाएंगे जिले के 16 हजार 695 अतिक्रमण,सभी को मकान देने की सरकार की है योजना

डिजिटल डेस्क, नागपुर। वर्ष 2022 तक सभी को मकान देने की सरकार की योजना है। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में अतिक्रमण नियमित करने की नीति बनाई गई है। इस योजना अंतर्गत जिले में 16 हजार 695 अतिक्रमण नियमित किए जाएंगे, जिसमें गांव के सीमा क्षेत्र तथा सरकारी जमीन पर बसे अतिक्रमण का समावेश है। अभी तक गांव के सीमा क्षेत्र में बसे 421 अतिक्रमण नियमित किए गए हैं। इस बीच अतिक्रमण की गई जमीन नियमित करने के लिए जिलाधिकारी का अनापत्ति प्रमाणपत्र अनिवार्य किए जाने से प्रक्रिया लड़खड़ा गई है। जिलाधिकारी द्वारा उक्त जमीन किसी सरकारी या अर्धसरकारी प्रकल्प के लिए आरक्षित नहीं किए जाने की पुष्टि करने पर कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी। 

जिले की 13 तहसीलों में 768 ग्राम पंचायत हैं। अधिकांश गांवों में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण किया गया है। इसके पीछे अलग-अलग कारण है। अतिक्रमण पर बसे नागरिकों किसी भी समय उनके आशियाने हटाए जाने का डर बना हुआ है। अतिक्रमण कर बसे नागरिकों को जमीन का मालिकाना अधिकार देने का सरकार ने निर्णय लिया है। अतिक्रमण नियमित करने के निर्णय से उन्हें दिलासा मिली है। सभी को मकान देने की सरकार की योजना है। बरसों से कब्जा जमाकर रह रहे अतिक्रमणधारकों के पास जमीन का मालिकाना अधिकार नहीं रहने से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। अब गरीबों का मकान का सपना साकार होगा। जिले में 16 हजार 695 अतिक्रमणधारक इस योजना से लाभान्वित होंगे। 

2 हजार वर्ग फीट अतिक्रमण को मिलेगी मंजूरी

अतिक्रमण की गई 2 हजार वर्ग फीट जमीन नियमित की जाएगी। 500  वर्ग फीट जमीन का नियमितिकरण नि:शुल्क होगा। 500  वर्ग  फीट के अधिक जमीन के लिए रेडिरेक्नर दर से शुल्क वसूल किया जाएगा। जिला परिषद के पंचायत विभाग द्वारा जिले में 421 अतिक्रमण नियमित किए गए हैं। 406 प्रकरण नाकार दिए गए हैं। 1931 प्रकरणों के रिकार्ड में गलती रहने से स्थगित रखे गए हैं। जिनके जमीनों की डाटा एंट्री नहीं है, उनकी एंट्री करने की प्रक्रिया जारी है। अतिक्रमण नियमित करने के लिए जमीन किसी प्रकल्प के लिए आरक्षित नहीं रहने का जिलाधिकारी का अनापत्ति प्रमाणपत्र आवश्यक है। जिलाधिकारी से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद जिला परिषद के पंचायत विभाग द्वारा अतिक्रमण नियमित करने की प्रक्रिया पुन: आरंभ होगी। फिलहाल अनापत्ति प्रमाणपत्र की शर्त आड़ आने से अतिक्रमण नियमित करने की प्रक्रिया लड़खड़ा गई है।
 

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