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कुएं का दूषित पानी पीने से पूरा गांव डायरिया की चपेट, 60 बीमार

कुएं का दूषित पानी पीने से पूरा गांव डायरिया की चपेट, 60 बीमार

डिजिटल डेस्क, धारणी (अमरावती)। बारिश में सबसे अधिक खतरा दूषित पानी से होता है लेकिन प्रशासन ने बारिश पूर्व पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की लिहाजा कुएं का दूषित पानी पीकर गांव के 60 लोग डायरिया की चपेट में आ गया।  धारणी तहसील के टिंगर्या ग्राम पंचायत अंतर्गत दहेंडा गांव में कुएं का दूषित पानी पीने से 60 लोग डायरिया के शिकार हो गए। बरसात पूर्व नियोजन के तहत ग्राम पंचायत प्रशासन व ग्रामसेवक ने पेयजल को लेकर आवश्यक उपाय योजना नहीं किए जाने से गांव में डायरिया ने अपने पैर पसारने का आरोप ग्रामीणों ने किया है।

जानकारी के अनुसार गांव में नागरिकों को जलापूर्ति करने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र के पास एक कुआं है। इस कुएं से विगत 10 से 15 वर्षों से जलापूर्ति की जा रही है। बरसात शुरू होते ही गांव में प्रतिवर्ष दूषित पानी आता है। इसकी जानकारी ग्राम पंचायत को होने के बावजूद ग्रामसेवक ने आवश्यक उपाययोजना बरसात से पूर्व करना जरूरी नहीं समझा। दो दिन पूर्व  8 नागरिकों को उलटी व दस्त की शिकायत हो गई थी। गांव की आशा वर्कर बबीता जावरकर ने मरीजों को दवाई देने के बाद दूसरे दिन  और भी कुछ नागरिकों को ऐसी ही शिकायत होने लगी। 
कुछ नागरिकों ने आशा वर्कर से दवाई ली तो कुछ ने निजी अस्पताल का रुख किया।  देखते ही देखते डायरिया के मरीजों में और भी बढ़ोतरी हो गई। गांव में डायरिया फैलने के लिए ग्राम पंचायत प्रशासन जिम्मेदार होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।

चिकित्सकों की टीम रवाना 

वैद्यकीय अधिकारी कविता पटेल ने बताया कि ग्रामीणों से पूछताछ करने पर ग्रामीणों ने बड़े पैमाने पर मरीज होने की जानकारी दी। उन्होंने तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलमखार की वैद्यकीय अधिकारी सारिका बोरकर को जानकारी दी। जिसके बाद तत्काल एक दल गांव में रवाना किया गया। वहीं के समाज मंदिर में  30 मरीजों का उपचार किया गया।  डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है जिनका उपचार जारी है। 

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