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महाराष्ट्र का मिनी मेट्रो का आइडिया देश में साकार करने की योजना-गोयल

महाराष्ट्र का मिनी मेट्रो का आइडिया देश में साकार करने की योजना-गोयल

डिजिटल डेस्क,नागपुर। महाराष्ट्र सरकार ने मिनी मेट्रो रेल परियोजना का विचार किया है। नाशिक में मिनी मेट्रो रेल चलाने की योजना है। महाराष्ट्र सरकार के मिनी मेट्रो रेल के आइडिया को केंद्र सरकार ने देश के अन्य शहरों में भी साकार करने का निर्णय लिया है। विधानसभा चुनाव के बाद इस संबंध में निर्णायक कार्य होंगे। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में जानकारी दी। चुनाव प्रचार के लिए यहां आएं श्री गोयल ने दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य में बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी। 80 प्रतिशत सीटें भाजपा व शिवसेना जीतेगी।

श्री गोयल के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे के समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाशिक में मिनी मेट्रो की संकल्पना पर चर्चा की थी। उस मामले पर बुधवार को दिल्ली में महाराष्ट्र के अधिकारियों के साथ चर्चा हुई है। चुनाव के बाद यहां के अधिकारियों की टीम का बनारस में भी भेजा जाएगा। नागपुर में महामेट्रो की ब्राडगेज  योजना के प्रस्ताव का डीपीआर अर्थात विकास प्रारुप एक माह पहले ही रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है। डीपीआर पर एक माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है। नागपुर महामेट्रो की ब्राडगेज योजना के बारे में मुख्य महाप्रबंधक बृजेश दीक्षित ने रेल अधिकारियों को विस्तृत जानकारी दी है। 

मंदी का संकट नहीं
सरसंघचालक डॉ.मोहन भागवत के मत को दोहराते हुए रेलमंत्री ने कहा कि देश में आर्थिक मंदी का संकट नहीं है। विश्व स्तर पर आर्थिक अस्थिरता का प्रभाव अवश्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,गृहमंत्री अमित शाह व वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण मिलकर आर्थिक स्थिति की उपाययोजना कर रहे हैं। जल्द ही जीडीपी दर 7 से 8 प्रतिशत तक पहुंचेगी। घरेलू व विदेश निवेश बढ़ेगा। 

मंत्रियों का टिकट कटना भाजपा की खासियत का हिस्सा
रेलमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी समय समय पर पदाधिकारियों को अलग अलग जिम्मेदारी देते रहती है। विधानसभा चुनाव में कुछ मंत्रियों का टिकट कटना भी पार्टी की जिम्मेदारी संबंधी खासियत का हिस्सा है। भाजपा के पदाधिकारी पद के लिए काम नहीं करते हैं। पार्टी में नए लोगों को मौका दिया जाता है। 

बागियों का स्थान नहीं 
5 वर्ष में राजनीति में यह भी बदलाव आया है कि पार्टी से बगावत करनेवालों को जनता के बीच स्थान नहीं मिल पाता है। बगावत करनेवाले पराजित होते हैं। राज्य में टिकट को लेकर असंतोष तो सामने आया लेकिन बगावत नहीं की है। शिवसेना के बागी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। लिहाजा यह नहीं कहा जा सकता है कि शिवसेना भाजपा से बगावत कर रही है। 

सरसंघचालक से लिया मार्गदर्शन
रेलमंत्री ने बताया कि नागपुर आने के बाद सबसे पहले उन्होंने संघ मुख्यालय में सरसंघचालक डॉ.मोहन भागवत से चर्चा की। सरसंघचालक से उन्हें मार्गदर्शन मिला है। अच्छे कार्यों के लिए उनका पहले से ही प्रोत्साहन व मार्गदर्शन मिलता रहा है। पत्रकार वार्ता में अजय संचेती, प्रवीण दटके, अनिल सोले, अर्चना डेहनकर, संजय भेंडे, चंदन गोस्वामी उपस्थित थे। 

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