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घर में अंधेरा देख पड़ोसन ने झांका तो खून से लथपथ पड़े थे मां-बेटे , घटना को लेकर संदेह

घर में अंधेरा देख पड़ोसन ने झांका तो खून से लथपथ पड़े थे मां-बेटे , घटना को लेकर संदेह

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  स्वामी विवेकानंद चौक में नारायण वानखेड़े के मकान मे किराये से रहने वाले शाहू परिवार  में मां और 4 साल के बेटे की लोहे के बत्ते से वार कर किसी ने हत्या कर दी। घर में गणपति स्थापना के बाद भी अंधेरा रहने से शाम को पड़ोस की युवती देखने के लिए गई, तब  शाम करीब 7 बजे मामला उजागर हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार शाहू परिवार के यहां करीब 15 दिन पूर्व बिहार से रवि नामक कारीगर आया था, जो शनिवार को वापस बिहार लौटने वाला था। इसलिए हत्या किसने और क्यों की, इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है। रवि नामक  कारीबर की दिनेश शाहू के पास किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। इससे मर्डर मिस्ट्री बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही थानेदार मलिकार्जुन  इंगले दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।  

बिहार से काम के लिए आया कारीगर फरार

जानकारी के अनुसार करीब 8 माह से दिनेश सियाराम शाहू, निवासी दरियापुर, जिला फतेहपुर (बिहार) अपनी पत्नी और 4 साल के बच्चे के साथ वानखेड़े के मकान में रहते थे। दिनेश साप्ताहिक बाजार में ठेला लगाता है। इस काम में मदद के लिए दिनेश ने बिहार से रवि नामक कारीगर को करीब 15 दिन पहले ही बुलाया था, जो शाहू परिवार के परिवार के साथ ही रहता था। घटना वाले दिन सुबह करीब 10 बजे दिनेश खैरगांव के साप्ताहिक बाजार गया था। घर में पत्नी प्रियंका (23)  और 4 साल का पुत्र अंशुल तथा कारीगर रवि था। कयास लगाया जा रहा है कि, घटना दोपहर को घटी होगी।

दिनेश शाहू के घर गणपति स्थापना के बावजूद अंधेरा होने से शाम करीब 7 बजे पड़ोसी बहरुपे परिवार की लड़की ने घर जाकर लाइट शुरू की तो उसे बेडरूम में दिनेश की पत्नी प्रियंका बेड पर अस्त-व्यस्त रक्तरंजित अवस्था मंे पड़ी थी और पास में ही लोहे का बत्ता पड़ा था। उसके पास 4 साल का अंशुल रक्तरंजित पड़ा था। यह नजारा देखर लड़की ने बाहर आकर घटना की जानकारी पड़ोसियों को दी। मोहल्ले के लोग अंशुल को नरखेड़ के ग्रामीण अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नरखेड़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया। आगे की जांच पुलिस निरीक्षक मल्लिकार्जुन इंगले के मार्गदर्शन में जारी है।

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