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नागपुर स्टेशन : जन-आहार बंद महीने भर से यात्री परेशान, पूर्वी द्वार पर चल रहा मेट्रो से जुड़ने का काम

नागपुर स्टेशन : जन-आहार बंद महीने भर से यात्री परेशान, पूर्वी द्वार पर चल रहा मेट्रो से जुड़ने का काम

डिजिटल डेस्क, नागपुर। रेलवे स्टेशन पर बना जन-आहार एक महीने से बंद पड़ा है। बताया गया कि टेंडर की अवधि समाप्त  होने से इसे बंद किया है। नया टेंडर अभी खुलने को है। ऐसे में इसे शुरू होने में अभी यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा। स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन लगा रहता है। वहीं यहां से होकर रोजाना एक सौ से ज्यादा गाड़ियां गुजरती हैं, जिसमें प्लेटफार्म नंबर एक से ज्यादा से ज्यादा गाड़ियां क्रास होती हैं। यहां गाड़ियां कुछ मिनटों के लिए रुकती हैं। ऐसे में लंबी दूरी के यात्रियों के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पर खान-पान व्यवस्था पर्याप्त रहना जरूरी है। इसे देखते हुए रेलवे ने यहां जन-आहार खोला था। यहां सस्ती पूरी-भाजी से लेकर रेलवे नियमों पर सस्ता खाना मिलता था। इसके अलावा यहां एक निजी रेस्त्रां भी है। कुल मिलाकर यात्रियों को खान-पान के लिए कई भटकना नहीं पड़ता था, लेकिन एक महीने से जन-आहार बंद पड़ा है। इससे यात्रियों को प्लेटफार्म नंबर एक पर बने ‘फुड हब’ पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। जब यहां गाड़ी आती है, तो यात्रियों की भीड़ लग जाती है। एक रेस्त्रां के लिए स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती है। भीड़ इतनी हो जाती है कि ट्रेन छूटने के डर से कई यात्री बिना कुछ खरीदे ही यहां से लौट जाते हैं। खासकर पूरी-भाजी के लिए उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एक ही रेस्त्रां के भरोसे उन्हें पर्याप्त पूरी-भाजी नहीं मिल पा रही है। ए. सिद्दीकी, एरिया मैनेजर, आईआरसीटीसी का कहना है कि टेंडर खत्म होने से जन-आहार बंद है। अभी नया टेंडर प्रक्रिया अंडर प्रोसेस हैं। जल्दी ही प्रक्रिया पूरी कर इसे खोला जानेवाला है। 

स्टेशन के पूर्वी द्वार पर यात्री परेशान, मेट्रो से जोड़ने का चल रहा काम

करोड़ों की लागत से बना नागपुर स्टेशन का पूर्वी द्वार इन दिनों खराब हालत में है। मेट्रो को स्टेशन से जोड़ने की कवायदें चल रही हैं, जिससे जहां-तहां तोड़-फोड़ और गड्ढे खोद दिए गए हैं। ऐसे में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों की लागत से बनाए गए प्लेटफार्म नं. 8 पर आने के लिए यात्रियों को संतरा मार्केट से आना पड़ता है, लेकिन इन दिनों इसकी हालत बद से बदतर हो गई है। दरअसल मेट्रो स्टेशन को सीधे पूर्वी द्वार के एफओबी से जोड़ने की कवायदें शुरू हैं। ऐसे में जगह-जगह गड्ढे खोदे गए हैं, निर्माण सामग्रियां रखी गई हैं। ऐसे में रोजाना यहां आनेवाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान परेशानी और भी बढ़ जाती है। जानकार पूनम मॉल की जगह को लेकर अनेक विवाद बता रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह जगह एनआईटी की है। बीओटी तत्व पर इसे विकसित करना था। जो ऑडिटोरियम एनआईटी ने बनाई है, उसे कंपनी अपना बताने का प्रयास करती रही। फिलहाल एक साल से मॉल का अधिकांश हिस्सा बंद पड़ा है। इसलिए जगह की उपयोगिता को बदलने को लेकर भी चर्चा होती रही है। इस बीच यह बड़ा हादसा होना, कई सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल मनपा अग्निशमन विभाग पूनम मॉल में अग्निशमन उपकरण को लेकर आश्वस्त दिखा। उसका कहना है कि फायर नॉमर्स के हिसाब से सभी कुछ वैध है। अब यह स्ट्रक्चरल ऑडिट का विषय है कि निर्माणकार्य कितना मजबूत और कमजोर है। यह जांच के बाद पता चलेगा।
 

 

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