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नए नर्सिंग कॉलेजों को हाईकोर्ट से मिली हरी झंडी, हटाया स्टे

नए नर्सिंग कॉलेजों को हाईकोर्ट से मिली हरी झंडी, हटाया स्टे

डिजिटल डेस्क, नागपुर। प्रदेश में नए नर्सिंग कॉलेज शुरू करने का रास्ता बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ से साफ हो गया है। नए कॉलेजों को अनुमति देने के खिलाफ पवन बहुउद्देश्यीय शैक्षणिक व सामाजिक विकास संस्था ने याचिका दायर कर रखी थी। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिकाकर्ता को राहत देने की तैयारी नहीं दर्शाई। ऐसे में याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली। कोर्ट ने पूर्व में नए कॉलेजों को अनुमति देने पर ‘स्टे’ लगा रखा था।   हाईकोर्ट ने ‘स्टे’ हटा लिया है।

प्रोस्पेक्टिव प्लान के अनुसार अनुमति

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से एड.आनंद परचुरे और मध्यस्थी अर्जदारों की ओर से एड. फिरदौस मिर्जा ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ता शिक्षा संस्था का नर्सिंग कॉलेज है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल एजुकेशन को नए नर्सिंग कॉलेज को मान्यता देने के अधिकार दे रखे हैं।  राज्य सरकार ने 2012 में जीआर जारी करके नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए वर्ष 2012 से 2017 तक के प्रोस्पेक्टिव प्लान को मंजूरी दी। इस प्लान में जरूरत के अनुसार नए नर्सिंग कॉलेजों को अनुमति दी गई। इसके बाद राज्य में किसी प्रकार का प्रॉस्पेक्टिव प्लान नहीं तैयार हुआ, लेकिन इसके बाद बगैर प्रोस्पेक्टिव प्लान के राज्य सरकार ने नए नर्सिंग कॉलेजों के लिए प्रस्ताव मंगवाए।

कोर्ट ने याचिका को नहीं दिया महत्व

याचिकाकर्ता के अनुसार बगैर प्रोस्पेक्टिव प्लान के नए कॉलेजों को मंजूरी नहीं दी जा सकती। ऐसे में उन्होंने वर्ष 2018 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने इस पर अंतरिम आदेश जारी करते हुए नए नर्सिंग कॉलेजों को अनुमति देने पर रोक लगा दी। मामले में तीन शिक्षा संस्थाओं ने मध्यस्थी अर्जी दायर की। याचिका कोर्ट में विचाराधीन रहते राज्य सरकार ने नर्सिंग कॉलेजों के नए प्रोस्पेक्टिव प्लान को मंजूरी दी। याचिकाकर्ता ने इस पर भी आपत्ति ली, मगर कोर्ट ने उनकी आपत्ति को महत्व नहीं दिया। अंतत: याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेनी पड़ी। 
 

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